
उरई। कदौरा थाना क्षेत्र के मरगांय स्थित रामजानकी मंदिर से बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो जाने के कारण पुलिस प्रशासन में हडकंप मच गया। पुलिस अधीक्षक रविकुमार और कालपी के उपाधीक्षक डा0 देवेन्द्र पचैरी ने घटना की सूचना मिलने के बाद स्वयं मौके पर आकर गहन छानबीन की और कदौरा पुलिस को आवश्यक मार्ग दर्शन दिया। फोंरेसिंक टीम को भी जांच पडताल के लिये मौके पर बुलाया गया।
गुरूवार को सुबह पुजारी जब मंदिर में पूजा अर्चन के लिये पहुंचे उस समय मूर्तियों की चोरी का पता चला । पुजारी के मुताबिक जब वे मंदिर में पहुंचे तो पट खुला पडा था और पट के ताले टूटे पडे थे। अन्दर जाकर देखने पर मूर्तियां गायब दिखी तो उनके होश फाख्ता हो गये। उन्होंने फोरन पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक उमाकान्त ओझा ने दलबल के साथ पहुंचकर पडताल की लेकिन चोरो के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि 50 वर्ष पूर्व यह मंदिर तपसी महाराज नाम के संत ने बनवाया था और इसमें ढाई फुट की राम लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियां स्थापित कराई थी जिनकी पूजा के लिये लोकेन्द्र दास नाम का पुजारी रखा गया था। इन्हीं पुजारी ने बताया कि तीन दिन पहले दो संदिग्ध युवक मंदिर में उनके पास आये थे और मंदिर में लगी लगभग 40 बीघा जमीन को नगद में जोतने की बात करने के बहाने रूके हुये थे। बुधवार को रात 9 बजे जब उन्होंने आरती करके मंदिर के पट बन्द कर दिये और अगले दिन सुबह 4 बजे उठे तो उन्हें मंदिर के ताले टूटे दिखे और अन्दर तीनों मूर्तियां लापता थी जिन्हें देखकर उनके पैरो तले की जमीन खिसक गयी। यह खबर जल्द ही गांव भर में फैल गयी जिससे मंदिर के बाहर भीड इक्टठा हो गयी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी जिसके बाद कुछ ही देर में थाना पुलिस प्रभारी निरीक्षक उमाकांत ओझा के नेतृत्व में आ गयी। प्रभारी निरीक्षक ने बडा मामला भंापकर अपने उच्चाधिकारियों को फोन कर दिया नतीजतन पहले सीओ डा0 देवेन्द्र पचैरी मौके पर आये। बाद में पुलिस अधीक्षक रविकुमार ने भी मौके पर जाकर चोरी का जायजा लिया। फोरेसिंक टीम को भी बुलवाया गया। जन चर्चाओं में मूर्तियों की कीमत ढाई करोड बतायी जा रही है लेकिन जो भी हो मूर्तियां बेहद कीमती तो हैं ही।







Leave a comment