महिला पुरूष प्रतिद्वन्दी नहीं, कदम से कदम मिलाकर चलें तो अपने आप परिवार में पैदा नहीं होगी कोई समस्या


उरई। महिला कल्याण विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर में सखी वन स्टॉप सेंटर का शुभारंभ कर दिया गया है। अभी इस सेंटर की जिला चिकित्सालय में तदर्थ व्यवस्था की गयी है। सेंटर का अपना भवन कलैक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन है जिसके लिये 40 लाख रूपये का बजट खर्च किया जा रहा है। इस सेंटर में एक ही छत के नीचे बालिकाओं और महिलाओं को उनके साथ हो रही हिंसा या उत्पीडन से त्राण के लिये हर तरह की मदद मिल सकेगी। इसमें चिकित्सा के लिये व्यवस्था, पुलिस डेस्क , विधिक डेस्क , कॉउन्सिलिंग का प्रबंध रहेगा । पीडिता को 5 दिन के अल्पकालीन आश्रय हेतु आवासीय व्यवस्था भी रहेगी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी चांदनी सिंह रहीं । सबसे पहले गरिमा पाठक ने स्वागत गीत गाया । बाद में अपने संबोधन में जिलाधिरी ने कहा कि पुरूष और स्त्री प्रतिद्वन्दी नहीं एक दूसरे के पूरक हैं। जब दोनों कदम से कदम मिलाकर चलेगे और परिवार में स्वस्थ संवाद का माहौल बनायेगें तो बालिकाओं और महिलाओं को वैसे ही किसी हिंसा या तिरस्कार का शिकार नहीं बनना पडेगा। जिला प्रोवेशन अधिकारी डा0 अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन ने कहा कि समाज में जो बेटियां सामाजिक व आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित रह जा रही है उन्हें शिक्षा से जोडकर अपने भविष्य के निर्माण का अवसर प्रदत्त कराया जाना चाहिये। सखी वन स्टॉप सेंटर के बारे में उन्होने बताया कि यह 24 घंटे 365 दिन खुलेगा ताकि पीडित महिला को तत्काल सहायता दी जा सके।
इस दौरान महिला सशक्तिकरण व बेटी बचाओ बेटी बढाओ के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली महिलाओं प्रवीण यादव , रिचा द्विवेदी, अलकमा अख्तर , महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव , सामाजिक कार्यकर्ता डा0 ममता स्वर्णकार तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन व छात्राओं को सम्मानित किया गया । इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 अवनीश बनौधा, जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तिखार अहमद , आयुर्वेदिक चिकित्सक डा0 कमलेश बाबू , पॉलीटेकनिक कॉलेज के प्रवक्ता राघवेन्द्र सिंह , वन स्टॉप सेंटर की रिचा द्विवेदी , प्रवीणा , महिला शक्ति केन्द्र की अलकमा अख्तर, जूली खातून , प्रियंका , नीतू, बाल कल्याण समिति की गरिमा पाठक व विनीता बाथम तथा ज्योति व आस पास की ढेरों महिलाओं व पुरूषों ने प्रतिभाग किया।

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