कामयाब हो रहा सडकों से सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने का जिलाधिकारी का अभियान , गौशालायें भरी, आनन फानन इकलासपुरा में खोली गयी एक और अस्थाई नई गौशाला

उरई। अन्ना गौवंश को सडकों से हटाकर सुरक्षित आश्रय स्थल में संरक्षित करने का अभियान कामयाब हो रहा है जिससे जिला प्रशासन बेहद उत्साहित है। नतीजतन और अधिक छुटटा गौवंश को सुरक्षित करने के लिये सोमवार को नई गौशाला का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने इकलासपुरा मोंड पर बनाई गयी इस अस्थाई गौशाला का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इसमें भूसा गृह बनाने और गऊशाला की देख रेख के लिये  केयर टेकर नियुक्त करने के निर्देश दिये।
       गौर तलब है कि शहर में अन्ना पशुओं की समस्या के कारण हो रहे हादसों और यातायात अव्यवस्था सहित कई परेशानियों के चलते इसके निराकरण के लिये जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने एक माह पूर्व ठोस प्रबंध करने कारगर पहल की। इसमें 5 कैचर केटर वाहन के साथ 25 कर्मचारियो की टीम शहर में विचरण कर रहे गौवंश को उठाकर सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचाने के लिये सडकों पर उतार दी गयी । इस अभियान से नजदीकी गौशाला में इतना गौवंश इक्टठे हो गये कि उसकी क्षमता और गौवंश को रखने की नहीं रह गयी तो तात्कालिक व्यवस्था के लिये अविलम्ब एक और अस्थाई गौशाला तैयार करने की व्यवस्था की जाने लगी। हालांकि इकलासपुरा में खोली गयी यह गौशाला अस्थाई है जिसे स्थाई गौशालाओं का निर्माण पूरा होने के बाद खत्म कर दिया जायेगा।
       सडकों से गौवंश को हटाये जाने के सकारात्मक फलित दिखने लगे है अन्ना पशुओं के कारण होने वाली सडक दुर्घटनाओं में कमी आयी है। साथ ही विभिन्न प्रकार की समस्याओं से भी उन्हें निजात मिली है। जिलाधिकारी का कहना है कि बुन्देलखण्ड भर में इस समस्या का अन्त करने के लिये यहां हो रहे प्रयास नजीर बन सकेगें। बुन्देलखण्ड के अन्य जनपद जालौन जिले में अपनाये गये उपायों का अनुकरण करने को पे्ररित होंगे।
      उक्त नवीन अस्थाई गौशाला में जिलाधिकारी ने बरगद का, नगर मजिस्टेªट कुवंर वीरेन्द्र मौर्य ने पीपल और वरिष्ठ कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बालमखीरा का वृक्ष लगाया। जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि परिसर में जो भी वृक्ष लगाये जा रहे हैं उनकी देखरेख की जाये। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विशाल यादव , नगर मजिस्टेªट वीरेन्द्र मौर्य , वरिष्ठ कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी, प्रभागीय वनाधिकारी जय प्रकाश नारायण तिवारी , मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरेन्द्र सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

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