जालौन-उरई। कब्रिस्तान में सांई समाज के मृतक का शव दफनाने से आपत्ति होने के कारण उग्र विवाद की नौबत आ गयी जिससे अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पडा। आखिर में पैमाइश कराकर कब्रिस्तान के अतिरिक्त अंश में सांई समाज के लोगों के मुर्दे दफन करने के लिये जगह आरक्षित की गयी।
      कोतवाली क्षेत्र के दहगुवां में रविवार को यह वाकया सामने आया। मुसलमानों में एक बडा वर्ग सांइयों को मुसलमान नहीं मानता इसलिये जब इस समाज की एक मय्यत कब्रिस्तान में आयी तो अनुदार मुसलमान भडक पडे। खबर मिलते ही तहसीलदार बलराम गुप्ता और सीओ उमेंश पाण्डेय मौके पर पहुंच गये। उन्हें दोनों पक्षों को समझाने के लिये काफी मशक्कत करवानी पडी। अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति में जैसे तैसे सांई समाज के मृतक उस्मान का शव दफन कराने की औपचारिकता पूरी कराई।
       इसके बाद अधिकारियों ने कब्रिस्तान के रकबे की पैमाइश करा डाली जिसमें अभिलेखों में दर्ज रकबे के बाद जो जमीन अतिरिक्त निकली उसे सांई समाज के लोगों को दफनाने के बाद चिन्हित कर दिया गया। अधिकारियों के निराकरण की लोगो में सराहना की गयी।

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