जालौन-उरई । हरी मटर की फली के रेट में उछाल आने से सोमवार को किसानों के चेहरों में खुशी देखी गई। किसानों नेस्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में लगाई जाने वाली बोली के अनुसार ही व्यापारियों द्वारा हरी मटर की खरीद किए जाने की मांग की।
हरी मटर की फली के भाव लगातार कम होने से किसानों को चिंता सताने लगी थी। किसान विजय शर्मा, देव कुमार, राज किशोर गोस्वामी, गौरव आदि ने बताया कि हरी मटर की फली के गिरते हुए रेट से किसानों का नुकसान हो रहा था। लेकिन सोमवार को अचानक 5 से लेकर 10 रुपये प्रति 5 किलो के भाव में उछाल आने के बाद किसानों के चेहरों में खुशी आ गई। बतादें कि एम-7 और बीएल-5 सोमवार से पहले 68 से 70 रुपये, एपी-3 75 से 78 रुपये प्रति 5 किग्रा तक बिक रही थी। जिससे किसान चिंतित थे। लेकिन सोमवार को यह भाव एम-7 78 से 81 रुपये, एपी-3 85 से 92 रुपये हो जाने से किसानों को कुछ राहत महसूस हुई। किसानों ने जिलाधिकारी चांदनी सिंह से मांग करते हुए कहा कि मंडी में हरी मटर की फली की बोली तो लगाई जा रही है। लेकिन व्यापारियों द्वारा बोली के हिसाब से मटर नहीं खरीदी जा रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि बोली से कम रेट में मटर न खरीदी जाए। जो बोली लगी है उसी के अनुसार मटर खरीद किए जाने के लिए एक समिति गठित की जाए। जो व्यापारी बोली के हिसाब से मटर की खरीद न करे उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।






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