जालौन-उरई । हरी मटर की खरीद में किसानों ने व्यापारियों पर शोषण का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि व्यापारी प्रति पैकेट 3 किग्रा अधिक मटर लेते हैं और नगद रुपये देने के नाम पर भुगतान में 2 प्रतिशत की कटौती करते हैं। किसानों ने डीएम से शोषण को बंद कराने की मांग की है। 

इस समय हरी मटर का सीजन चल रहा है। नगर की मंडी में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में किसान हरी मटर लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। लेकिन मंडी पहुंचने पर व्यापारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। अकोढ़ी दुबे निवासी किसान सुनील चौधरी और रामकुमार बाथम ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह मंडी में हरी मटर बेची थी। मंडी के व्यापारी मटर खरीदने में किसानों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरी मटर व्यापारी किसानों का शोषण कर मटर खरीदने के समय तौल के समय प्रति पैकेट 3 किग्रा अधिक मटर लेते हैं। चाहे पैकिंग 50 किग्रा की या 80 किग्रा की सभी तौल पर 3 किग्रा मटर जबरन अधिक ली जा रही है। खरीद के बाद मटर व्यापारी जब नगद भुगतान मांगता है तो नगद भुगतान के नाम पर उसके बिल से 2 प्रतिशत कटौती कर ली जाती है। जब कोई किसान विरोध करता है तो व्यापारी झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। किसानों ने एसडीएम से व्यापारियों द्वारा किसानों का किया जा रहा शोषण बंद कराने की मांग की है।

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