
सिरसाकलार-उरई। अन्ना पशुओं से त्रस्त गांव व क्षेत्र के किसानों को उस समय बहुत राहत महसूस हुयी थी जब प्रधान दृगपाल भास्कर ने अपनी पंचायत को माॅडल बनाने के क्रम में अन्य सुविधाओं के साथ साथ बडी गौशाला के निर्माण की शुरूआत के लिये भी कदम उठा डाले थे।
पर अब उनकी उम्मींदे अधर में लटक गयी हैं क्योंकि लहलहाती फसल के सींजन में गौशाला का काम लेट हो जाने से उन्हें अपनी मेहनत बचाने के लिये कडाके के जाडे में रात रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड रही है।
बताया जाता है कि गौशाला का काम एक तो पहले ही धीमी गति से हो रहा था उस पर तुर्रा यह है कि एक हफ्ते से तो काम बंद ही कर दिया गया है जिसका कारण भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
गांव और क्षेत्र में लगभग 7 सैकडा गौवंश छुटटा विचरण कर रहे हैं जिनके आश्रय और दाना पानी की व्यवस्था गौशाला में हो जाये तो किसान निश्ंिचत हो सके । खेती में घाटे के कारण पहले से किसानों में आत्म हत्या की बढती प्रवृत्ति सामने आ रही है फिर भी शासन प्रशासन के कर्ता धर्ता सोचने को तैयार नहीं है। खण्ड विकास अधिकारी प्रतिभा से गौशाला के बारे में पूछा गया तो उनका जबाव था कि काम बन्द होने की उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है लेकिन उन्होेने पता कराकर एक सप्ताह में गौशाला कम्पलीट कराने का आश्वासन जरूर दे डाला ।







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