जालौन-उरई । गंगा जमुना तहजीब का प्रतीक श्रीबाराही देवी मेला प्रदर्शनी के आयोजन को लेकर भ्रम की स्थिति समाप्त हो गयी है। नगर पालिका परिषद गणतंत्र दिवस के बाद इस आयोजन की शुरुआत करेगी। 

नगर में प्रतिवर्ष फौजी पड़ाव की भूमि पर श्रीबाराहीं देवी मेला का आयोजन किया जाता है। यह मेला इस मायने में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह मेला गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल बना हुआ है। मेला मैदान में श्रीबाराहीं देवी मंदिर के साथ ही उसी के बगल में मजार भी स्थित है। प्रतिवर्ष नगर पालिका द्वारा श्रीबराहीं देवी मंदिर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं मजार पर अकीदत के साथ चादर चढ़ाई जाती रही है। पूजन व चादर चढ़ाने के बाद मेले के आयोजन की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। हालांकि मेले के आयोजन को लेकर फौजी पड़ाव की भूमि पर मालिकाना हक रखने वाले सैनिक कार्यालय आगरा से मेले के आयोजन को लेकर अनुमति ली जाती रही है। इस बार लगभग बाराही के त्योहार पर श्रीबाराहीं देवी के पूजन के साथ ही चादर भी चढ़ाई जा चुकी है। लेकिन मेला के आयोजन को लेकर भ्रम बना हुआ है। इसके बाद भी मेले के आयोजन पर संशय के बादल मंडरा रहे थे। पिछले तीन वर्षों से मेला का आयोजन न होने से लोगों में मायूसी थी। नगर की जनता की भावनाओं को देखते हुए नगर की पहचान श्री बाराही देवी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन कराने जा रही है। गणतंत्र दिवस के बाद 27 जनवरी से मेला की शुरुआत हो जाएगी। ई ओ सीमा तोमर ने बताया कि मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी थी तथा निविदाओं की विज्ञप्ति जारी हो चुकी है।

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