भाजपा ने शिक्षकों के हितोेंे पर कुठाराघात, एक बार फिर जोर आजमाइश के लिये चुनाव मैदान में उतरे सुरेश त्रिपाठी की दहाड


उरई। निवर्तमान शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने 30जनवरी को अपने निर्वाचन क्षेत्र के नये चुनाव के मतदान के पूर्व रविवार को मीडिया के जरिये अपना संदेश देने की कोशिश की। सुरेश कुमार त्रिपाठी इस चुनाव में एक बार फिर माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट की ओर से ही दावेदारी कर रहे हैं। उन्होने सत्ताधारी भाजपा पर शिक्षकों और कर्मचारियों की विरोधी होने का आरोप लगाते हुये कहा कि उसकी सरकार ने शिक्षकों के हितों पर जबरदस्त कुठाराघात किया है फिर भी धनबल का प्रयोग करके वह इस समुदाय को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है जिससे शिक्षकों को सजग एवं जागरूक रहने की आवश्यकता है।
      सुरेश कुमार त्रिपाठी ने जालौन रोड स्थित अपने चुनाव कार्यालय में मीडिया कर्मियोें से वार्ता करते हुये कहा कि भाजपा के बारे में शिक्षक समुदाय को ध्यान रखना होगा कि ये वही लोग हैं जिन्होने पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त किया, अप्रैल 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों को सामूहिक बीमा से वंचित किया, वैयक्तिक वेतनमान को फिजूल बताया, विकलांग वाहन भत्ता समाप्त किया, विनियमितीकरण की पूरी नियमावली बदल दी जिससे शिक्षकों की पेंशन, वरिष्ठता प्रभावित होगी। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मिल रहा पारितोषक समाप्त कर सरकार ने कहा कि वे अपने पूर्व जन्म के संस्कार भुगत रहे हैं । वित्त विहीन मान्यता की धारा में संशोधन करते हुये यह बढा दिया कि वेतन वितरण एवं चयन बोर्ड अधिनियम इससे प्रभावित होगा। ऐसे अधिनियम से शिक्षकों को क्या लाभ । सरकारी विद्यालयों में चतुर्थ वर्ग एवं लिपिक वर्ग की नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं।
     निवर्तमान विधायक ने कहा कि राजकीय विद्यालयों को थ्रीपी माॅडल पर संचालित करने की योजना का संघ द्वारा विरोध किया जायेगा। संस्कृत विद्यालयों में पद सृजित होने के बाद संविदा पर की गयी नियुक्तियां अवैधानिक हैं इसलिये संघ इनको स्थायी करने के लिये भी संघर्ष करेगा। तरह तरह से हो रहे मदरसा शिक्षकों के उत्पीडन को भी सहन नहीं किया जायेगा।
      उन्होेने कहा कि ऐसी स्थितियों में शिक्षकों में किसी प्रकार भ्रम नहीं होना चाहिये । हमें अपनी अर्जित उपलब्धियों को सुरक्षित रखना है तो विधान परिषद में संघ के प्रतिनिधि को भेजना ही होगा ताकि भविष्य में संघर्ष के माध्यम से हम सरकार को पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, वित्त विहीन को समान कार्य के लिये समान वेतन , चिकित्सकीय सुविधा देने , थ्रीपी माॅडल को समाप्त करने जैसी शिक्षकों की मागों पर विचार करने के लिये सरकार को विवश किया जा सके ।
     इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री राकेश निरंजन , जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह राजा , विधायक प्रतिनिधि अजीत सक्सेना ,संघर्ष समिति के  जिला संयोजक अरविन्द द्विवेदी, कोषाध्यक्ष रामजी गुर्जर , अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा के नेता विशम्भर शरण तिवारी , सत्यपाल गुर्जर और दीपक पाराशर आदि उपस्थित थेे।

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