जालौन-उरई । सोमवार को मौसम में आए बदलाव के चलते बूंदा बांदी हुई। बूंदा बांदी होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। बूंदा बांदी किसानों के चेहरे खिले।
सोमवार की सुबह शीतलहर के चलते लोग देर सुबह तक बिस्तरों में ही दुबके रहे। शीतलहर का असर पूरे दिन रहा। इस दौरान तेज हवाओं के चुभते नश्तरों से लोगों का हाल-बेहाल हो गया। शीतलहर से घरों के भीतर भी ठिठुरन और गलन हो गई। गर्म कपड़ों में लिपटे होने के बावजूद सर्दी का असर कम पड़ता दिखाई नहीं दिया। शीतलहर के असर के चलते बाजार भी अन्य दिनों की अपेक्षा देरी से खुले। दोपहर बाद हल्की बूंदा बांदी के चलते शाम को दुकानदार अपने अपने प्रतिष्ठान जल्दी बंद कर घर लौट गए। किसान अनिल कुमार, सूरज प्रसाद, मानसिंह विजय आदि का कहना है कि यह हल्की बूंदा बांदी अभी तो फसल के लिए अच्छी है। फसल पर इस बूंदा बांदी का अच्छा प्रभाव पड़ेगा। लेकिन यदि तेज बारिश होती है तो किसानों को नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल तो बूंदा बांदी होने से किसान खुश हैं।







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