उरई। वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामकुमार दिवौलिया का लम्बी बीमारी के बाद मंगलवार की शाम एक निजी क्लीनिक में उपचार के दौरान देहावसान हो गया। उनकी आयु लगभग 80 वर्ष थी।
रामकुमार दिवौलिया पुश्तैनी कांग्रेसी थे और आखिरी समय तक वे इस पार्टी से जुडे रहें। उनके पिता प0 बैजनाथ दिवौलिया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे थे। कांग्रेस संगठन में रामकुमार दिवौलिया ने महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। 1988 में वे जब जिला परिषद के अध्यक्ष चुने गये तो संस्था की हालत खस्ता थी। उन्होंने जिला परिषद की वित्तीय स्थिति को सुदृढ किया जिससे इसके कर्मचारियों को नियमित भुगतान होने लगा जो पहले लटका रहता था। उनकी गिनती अत्यन्त ईमानदार और गांधीवादी नेताओं में रही ।
उनके पुत्र संतोष दिवौलिया की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गयी थी और तभी से वे टूट गये थे। पिछले कुछ वर्षो से उनका चलना निकलना बंद हो गया था जबकि इसके पहले नगर की सडकों पर उन्हें बराबर पैदल घूमते देखा जाता था।
उनके न रहने से जिले में नेतागीरी के एक युग का अंत हो गया । स्वतंत्रता दिवस , गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती आदि राष्ट्रीय पर्वो पर दशकों तक प्रभातफेरी की अगुवाई उनके द्वारा की जाती रही इसलिये अब इन पर्वो पर उनकी कमी बहुत शिद्दत से महसूस की जायेगी।
उनके निधन की खबर के बाद उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया जिनमें सभी पार्टियों के नेता, कार्यकर्ता और सोशल वर्कर शामिल हैं।







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