उरई।सुल्तानुल औलिया सरकार ग़रीब नवाज़ अजमेरी का 811 वां उर्स हर बार की तरह स्थानीय स्तर पर हज़रत पदमशाह रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने पर गहरी अक़ीदत और ख़ालिस धर्म परम्पराओं के साथ मनाया गया।
बज्म की शुरूआत तिलावत से हुई तदुपरांत अब्दुल सलाम ‘राही’ ने नात पाक पढ़ी। इस्लामी जानकर हाफ़िज़ फ़िरोज़ रहमानी ने ग़रीब नवाज़ की शिक्षाओं को प्रस्तुत करते हुए कहा कि ख़्वाजा साहब भाईचारे और हमदर्दी वाली ज़िन्दगी जीने का हमें पैग़ाम दिया है।उनके नज़दीक यही धर्म का मर्म है कि किसी को कष्ट न पहुँचाया जाए।हमारा यहां इस आयोजन में बड़ी तादाद में इकट्ठा होना इस बात की दलील है कि हम अम्न के तरफ़दार हैं।ज़िक्र के बाद पवित्र आयतें पढ़ी गयीं और इस पावन मौके पर ख़्वाहिशातो-तालिबात के क्रम में मुल्क की तरक्की और सुकून की भी दुआ की गई।हाजी अज़ीज़,मुमताज रहमानी,हाजी कल्ल,मुहम्मद मुही आज़म,मुन्ना अन्सारी,शहादत अली मामू,रिज़वान मास्टर,तौसीफ़ रहमानी,मुन्ना भाई,शायान मुही,चुन्नू इण्डिका,इक़बाल अन्सारी,ज़ुबैर आलम आदि शरीक़ रहे।बाद आम लंगर जारी हुआ जो देर शाम तक चला।








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