उरई। आंगनबाडी कार्यकत्रियों की लापरवाही पर जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तखार अहमद की पैनी निगहबानी के बाबजूद विराम नहीं लग पा रहा है। गुरूवार को उन्होंने 11 आंगनबाडी केन्द्रो का औचक निरीक्षण किया तो यह पोल खुलकर फिर सामने आ गयी। रूरामल्लू में दो और खर्रा में 3 आंगनबाडी केन्द्र बंद मिले जिनमें संचालित केन्द्रो पर बच्चों की उपस्थित संख्या बहुत कम थी। आंगनबाडी कार्यकत्री राजेश्वरी हरकौती, रामजानकी खर्रा, शीला देवी, रेखा देवी, देवी निरंजन गायर के केन्द्र के अभिलेख मौके पर नहीं मिले जिससे उनका सत्यापन नहीं किया जा सका।
उपरोक्त सभी केन्द्रो की आंगनबाडी कार्यकत्रियांे व सहायिकाओ को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाडी केन्द्र पर विभागीय डेªस में उपस्थित होकर नियमानुसार केन्द्र का संचालन करें तथा भविष्य में यदि केन्द्र पर बच्चों की संख्या /उपस्थिति में सुधार नहीं होता है तो संबंधित का मानदेय रोकते हुये अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लायी जाये उन्होने संबंधित कार्यकत्रियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिये। इसके साथ ही जालौन ब्लाक की बाल विकास परियोजना अधिकारी को निर्देश दिये कि एक सप्ताह में स्थिति में सुधार न होने पर क्षेत्रीय मुख्य सेविका का वेतन रोककर उन्हें प्रतिकूल प्रवृत्ति प्रदान करें। इस मौके पर आकांक्षा सक्सेना डीएससीओ मौजूद रही।








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