उरई। फैक्ट्री एरिया के जातिपक्ष निभाने वाले सिपाही की करतूतें पुलिस कप्तान के चैखट तक पहुंच चुकी हैं। इसी बीच उसके खिलाफ जांच के आदेश कर दिये गये है जिससे उसकी सारी रंगबाजी हवा हो सकती है और उसे मुसीबत का सामना करना पड सकता है।
      मौजूदा सरकार और उसके पुलिस अधिकारी खाकी की लोगो के लिये उत्पीडक छवि बदलने की मशक्कत में लगे हैं जिससे लोगो का नजरिया बदले और खाकी से आतंकित होने की बजाय किसी भी कठिन परिस्थिति में उसे मित्र मानकर मदद के लिये गुहार लगाने पहुंचे। लेकिन अभी कुछ पुलिसकर्मी ऐसे हैं जो इस मेहनत पर पानी फेरने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक पुलिसकर्मी है फैक्ट्री एरिया चैकी का सिपाही गजेन्द्र यादव जिससे त्रस्त एक दलित को एसपी के सामने गुहार लगाने पहुंचना पड गया।
      रगेदा निवासी ज्ञानचन्द्र उर्फ पंकज ने एसपी को दिये प्रार्थना पत्र में अवगत कराया कि गांव के ही दबंग रंजीत यादव के अत्याचारपूर्ण व्यवहार से आजिज आकर उसने पुलिस में प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें जांच के बाद पुलिस ने न केवल एफआईआर दर्ज की बल्कि उसके खिलाफ चार्जशीट भी अदालत में भेज दी है। गजेन्द्र यादव जिसके बारे में पहले से आम शौहरत है कि हर यादव के साथ उसने रिश्तेदारी जोड रक्खी है और किसी भी सजातीय की मदद के लिये खाकी का दुरूपयेाग करने से नहीं चूकता । इसी यादव के चलते उसने पंकज पर भी रंजीत यादव से समझौता करके उसका मुकदमा खत्म कराने का दबाव बनाया । इस बीच रंजीत यादव के पिता रामनारायण यादव ने पेशबंदी में उसके, उसके पिता और गवाहन के खिलाफ झूठा मुकदमा कायम करा दिया जिसमें विवेचनाधिकारी ने उसका नाम हटा दिया था। फिर भी रंजीत यादव की तरफदारी की वजह से गजेन्द्र यादव ने उसका चरित्र प्रमाण पत्र चैकी में रूकवा रक्खा है।

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