जालौन –उरई | मित्र महोत्सव की आयोजन समिति की बैठक साधू राम दोहरे की अध्यक्षता में हुई थी जिसमें सर्वप्रथम प्रसिद्ध रंग कर्मी पूरन चन्द मिश्र “पूरन” के चित्र पर माल्यार्पण किया गया । मुख्य अतिथि के रूप में बृजेश जाटव तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजा भईया दोहरे ,राम प्रकाश कुशवाहा पूर्व शिक्षक, जाहिदुल्ला अंसारी,मान सिंह मुखिया, राम बाबू प्रधान औरेखी,प्रह्लाद आचार्य, राजेन्द्र कुशवाहा पूर्व पालिका सदस्य,इरशाद फौजी,इमरान मास्टर,देवेंद्र si नगर पालिका आदि ने पुष्पार्चन,तथा दीप प्रज्वलित कर मित्रमंडल की तृतीय बैठक का शुभारम्भ किया।
इस क्रम में 16 वे मित्र महोत्सव के पहले दिन जीवित सभी धर्मों के 108 पुरखों को सम्मानित एवं पाव पखारने का कार्यक्रम हुआ । शोभा यात्रा में बुन्देली संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु बुन्देली लोक कलाओ में दिवारी नृत्य,बांसुरी वादन,दुलदुल घोड़ी का नाच ,एचक ताना, रमतूला, रमतूरा,सजी बैलगाड़ी,फुलबाद, घरनीम तरह बाजे, नागिन बीन बैंड,पालकी,ख्वाजा की चादर,अचरी,भजन,गोटे, फ़ाग,बुन्देली गारी, धनुष यज्ञ लीला आदि कलाएं देखने को मिली,
मित्र मंडल की बैठक में संचालन करते हुए संयोजक सुशील मास्साब ने कार्यक्रम की विस्तृत रूप रेखा राखी थी जिसमें सभी मित्रमंडल के सदस्यों ने करतल ध्वनि से तन-मन-धन से इस अनोखे कार्यक्रम के लिए पूरा साथ देने का वादा किया ।
मित्र मंडल की बैठक में सबसे वृद्ध पुरखा 104 वर्ष तथा 101 वर्ष के पुरखों को 16 वे मित्र महोत्सव में आने का निमंत्रण दिया ,बैठक में ओम शंकर मास्टर, रामधनी,हाशिम,मुबीन मास्टर, अनुरुद्ध लौना,रेहान,लालजी मास्टर,राजू,लालमणि यादव,अंशुल कुशवाहा,कैलाश पुरवार,लालजी प्रधान औरेखी ,रखुराज ठेकेदार, अजय,हरिश्चन्द्र पहारिया किशुन घनश्याम वर्मा, कुंज विहारी नगायच ,कल्याण कुशवाहा ,वीरेंद्र आचार्य जी आदि उपस्थित रहे थे | इसके अनुरूप बाद में मित्र महोत्सव सपन्न हुआ |







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