महिलाओं को खुशी बाँटता अनाज बैंक

उरई | बुन्देलखण्ड का पहला अनाज बैंक पूरी इमानदारी और पारदर्शिता के साथ लगातार सक्रिय है। यहाँ पर प्रतिमाह अनाज वितरण होने के साथ समय-समय पर होने वाले त्योहारों, पर्वों को अनाज बैंक की निकासी खाताधारक महिलाओं के साथ मनाया जाता है। उनको एक परिवार की तरह मानकर उनकी खुशी में अनाज बैंक शामिल होने का प्रयास करता है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी होली के पावन पर्व पर अनाज बैंक द्वारा महिलाओं को नियमित रूप से प्रदान किए जाने वाले अनाज के साथ अन्य खाद्य सामग्री को भी वितरित किया गया। यह खुशी की बात है और प्रेरणादायी भी है कि अनाज बैंक द्वारा किसी भी रूप में औपचारिकता का निर्वहन ना करते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है। उक्त विचार अनाज बैंक क्षेत्रीय कार्यालय में मार्च माह के वितरण कार्यक्रम को संपन्न करते हुए शिक्षक प्रदीप निरंजन ने व्यक्त किए। 

इस अवसर पर अनाज बैंक से जुड़े छात्र शिवम गुप्ता ने कहा कि अनाज बैंक के द्वारा उनको बहुत कुछ सीखने को मिला है। अपनी पढ़ाई के साथ उनको यहाँ से सामाजिक कार्य, सहयोग, समन्वय का पाठ सीखने को मिला है। वितरण के दिनों में यहाँ आने पर महसूस होता है कि संवेदना के साथ किस तरह से उन लोगों से जुड़ा जा सकता है, जिनको समाज में हाशिए का व्यक्ति समझा जाता है। 

अनाज बैंक की निदेशक डॉ. अमिता सिंह ने कहा कि अनाज बैंक हमेशा की तरह अपनी सदस्य महिलाओं के साथ प्रत्येक त्यौहार और पर्व को मनाता है। अनाज बैंक की सदस्य होने के नाते उनके दुखों और कमियों को दूर करना हम सबकी जिम्मेवारी है। इन महिलाओं के साथ अपनी खुशियों को बाँटने से खुशी और बढ़ जाती है। इसी बहाने कुछ सकारात्मक कार्यक्रम करने का जो अवसर मिला है उसने आत्मविश्वास और संवेदना को बढ़ाया है। 

मार्च माह के वितरण में नियमित रूप से दिए जाने वाले पाँच किलो अनाज के साथ-साथ होली के पावन अवसर पर चीनी, मैदा, दाल, रिफाइंड आदि का भी वितरण किया गया। वितरण में डॉ. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर के अलावा कलावती, मीना, मुन्नी, रजनी, सुमंत रानी, सुशीला आदि सहित लगभग पचास महिलाएँ उपस्थित रहीं।

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