उरई | सिरसाकलार थाना क्षेत्र में बुधवार को सर्राफ से लाखों की टप्पेबाजी करने वाले दक्षिण भारत के दुर्दांत अपराधी निकले जो फिलहाल कानपुर में डेरा जमा कर आसपास के कई जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे | सिरसाकलार के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण पाल सरोज  ने सर्राफ के माल की बरामदगी के लिए जो ताबड़तोड़ प्रयास किये उसके चलते इतनी जल्द वे वारदात करने वाले गिरोह के प्रमुख सरगना को टप्पेबाजी में गए लगभग 16 लाख रूपये के पूरे माल सहित दबोचने में कामयाब रहे | हालांकि सरगना को पकड़ते वक्त उन्हें मुश्किल पेश आई जब उसने पुलिस का घेरा देख फायरिंग शुरू कर दी | पुलिस टीम ने साहस दिखाते हुए तत्काल जवाबी फायरिंग की जिससे एक गोली उसे लगी और  उसका हौंसला टूट गया | इस ओपरेशन में एस ओ जी और सर्विलांस की टीमें भी शामिल रहीं |

पुलिस अधीक्षक इराज राजा  ने बताया कि गत दिनों सिरसाकलार थाने के भिटारी गाँव  निवासी कल्लू सोनी से 16 लाख रूपये की टप्पेबाजी कर भागते समय एक बदमाश को न्यामातपुर में ग्रामीणों ने दबोच लिया था जो नाबालिग था | पूंछताछ में उसने गैंग का खुलासा कर दिया जिस पर तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस सरगना के पास तक पहुँच गयी जो सिरसाकलार थाना क्षेत्र में ही पाल सरैनी के जंगल में छुपा था | मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर पुलिस ने  उससे 5 लाख 70 हजार रूपये नकद , 9.30 लाख के सोने चांदी के जेवर और उसकी वारदात में प्रयुक्त होंडा कार बरामद की | उसका तमंचा भी जिससे उसने फायर किया था , जब्त कर लिया गया |

सरगना का नाम सूरज पुत्र मुनियप्पा है जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का रहने वाला है और दिल्ली में सरिता विहार में बस गया है | वर्तमान में वह कानपुर के  गोविन्द नगर इलाके में कच्ची बस्ती में डेरा जमाये था  | सर्राफ के साथ टप्पेबाजी में  सरगना का भांजा और पुत्र भी शामिल था | कई राज्यों और बुन्देल खंड के कई जिलों वे इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं |  

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