उरई | नगर निकाय चुनाव को ले कर 2 मई को उरई में संभावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के परवान न चढ़ पाने से जिले के भाजपा प्रत्याशियों में मायूसी की लहर दौड़ गयी है |जालौन जिले में 4 मई को 4 नगर पालिकाओं और 7 नगर पंचायतों को मिला कर 11 स्थानों पर अध्यक्ष और वार्ड मेम्बरों के चुनाव के लिए मतदान होना है |जिले के सभी निकायों में भाजपा ने प्रत्याशी उतारे हैं जिनको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है | योगी की सभा से हर उम्मीदवार को चुनावी वैतरणी पार हो जाने की उम्मीद बंध गयी थी लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री के आगमन का प्रोटोकोल जिले में नहीं आया है | इसी बीच अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से इशारा किया है कि मुख्यमंत्री झांसी की सभा में मंडल भर के प्रत्याशियों के लिए माहौल बनाने का काम करेंगे क्योंकि उनके पास अलग अलग जिलों में सभाएं करने का समय अब नहीं बचा है |
योगी का जनपद का संभावित दौरा टलने के आसार से जहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी राहत की सांस ले रहे हैं वहीँ प्रत्याशी झटका महसूस कर रहे हैं | हर निकाय में भाजपा प्रत्याशियों को बगावत और भितरघात से जूझना पड़ रहा है | उन्हें उम्मीद थी कि योगी उरई में आ कर ऐसे तत्वों को साम ,दाम ,दंड , भेद हर हथकंडे का इस्तेमाल कर दुरुस्त कर देंगे | ध्रुवीकरण में योगी की महारत से भी उनके हौंसले बुलंद थे लेकिन उनकी सभा पर मुहर लगते न देख वे ट्रंप कार्ड गंवा देने जैसे सदमे में हैं | झांसी से जालौन जिले के लिए उनकी रिमोट तकनीक के उतना असर दिखा पाने की उम्मीद उम्मीदवारों को नहीं है |
गौरतलब है कि 2017 में जनपद में 10 स्थानीय निकायों के लिए चुनाव कराया गया था जिनमें से 4 पर ही कमल खिल पाया था हालांकि बाद में निर्दलीय जीते 2 और अध्यक्ष भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व ने जिला भाजपा को अधिकतम सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का टास्क सौंपा है जिसे पूरा करने में जिला नेतृत्व को पसीना आ रहा है | उम्मीदवारों के चयन में विसंगति कई निकायों में पार्टी का खेल बिगाड़ने वाली साबित हो रही है | पार्टी द्वारा एक भी ठाकुर उम्मीदवार न बनाया जाना मुद्दा बन गया हालांकि गनीमत यह रही कि इसके बावजूद ठाकुर भाजपा के समर्थन से डिग नहीं रहे हैं | उरई में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो जाने से भाजपा का पलड़ा इस बार भारी है लेकिन अपनी माँ को लड़ा रहे पूर्व चेयरमैंन विजय चौधरी की उसके मतों में सेंधमारी और उनका मजबूत प्रोफायल अलग गुला खिला सकता है जबकि सपा भी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में कसर नहीं छोड़ रही | कोंच में चयन के दौरान मजबूत प्रत्याशी को दरकिनार किया जाना पार्टी को भारी पड़ रहा है | विज्ञान विशारद सीरौठिया गत चुनाम में उरई में अनिल बहुगुणा की फलीभूत हुई बगावत का इतिहास दोहराने के मंसूबे के साथ पूरे दमख़म से मैदान में डटे हुए हैं | अनुमान यह था कि उरई में आने पर योगी उन्हें बुलवा कर मामला निपटाते पर अब ऐसा होने की गुंजायश ख़त्म हो गयी है | कालपी में भी जीते हुए कैंडिडेट की चयन में उपेक्षा की चूक पार्टी को साल रही है | जालौन में भाजपा उम्मीदवार वर्ग विशेष की भितरघात से हलकान है | हालांकि भितरघात की समस्या दूसरे पार्टी उम्मीदवारों के खेमे में भी कम नहीं है|







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