चुनाव प्रचार का अंतिम दौर प्रत्याशियों के लिए क़त्ल की रात साबित हो रहा

उरई | चुनाव प्रचार का  अंतिम दौर  विभिन्न दलों के प्रत्याशी के लिए क़त्ल की रात की तरह है | इस क्रम में चुनाव प्रचार पर विराम के एक दिन पहले सोमवार को भाजपा और बसपा के प्रत्याशियों ने जोरदार रोड शो करके अपनी कुव्वत दिखाई है | भाजपा के रणनीतिकारों का लक्ष्य जहां अपनी बढ़त दिखा कर गैर दलित वोटरों में बसपा की सेंध को बेअसर करना रहा वहीं बसपा ने रोड शो में मुस्लिम वोटरों को जलवा दिखाने पर जोर लगाया ताकि उनमें बिखराव की किसी भी आशंका को दूर किया जा सके | इस बीच कांग्रेस प्रत्याशी के अदृश्य जैसे हो जाने से भी बसपा खेमे को टानिक मिला है |

उधर राजनीतिक पंडितों को अभी चुनाव के रुख की थाह लेने में दुरूह स्थिति का सामना करना पड़ रहा है | वजह हर प्रत्याशी के मूल आधार का एकजुट न दिख पाना है | जहां विजय चौधरी की विकास परक छवि उनकी माँ के लिए वरदान साबित हो रही है वहीं भाजपा की निगाह   सपा और बसपा के बीच मुस्लिम वोटरों के बटवारे से अपनी गोटी लाल कर लेने पर है | बसपा में जहां चाणक्य  की भूमिका खुद विजय चौधरी ने सम्हाल  रखी है वहीं भाजपा में यह रोल निभाने का जिम्मा जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी ने अपने  हिस्से में कर रखा  है | वैसे सपा का भी मनोबल कमजोर नहीं है | उसके दिग्गज दावा कर रहे हैं कि उनकी प्रत्याशी सभी को पीछे छोड़ कर छुपे रुस्तम क कहावत चरितार्थ करेंगी |

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