जालौन-उरई । दबंगों से मजदूरी का तगादा भारी पड़ गया जिसके कारण एक वृद्ध  को जान गंवानी पडी |  पुलिस ने फिलहाल इस मामले में मजदूर का पोस्ट मार्टम कराने के बाद गैर इरादतन ह्त्या का मुकदमा कर लिया है | अपर पुलिस अधीक्षक असीम चौधरी का कहना है कि छानबीन पूरी होने के बाद यह तय होगा कि घटना की वास्तविकता क्या है ।

जालौन कोतवाली क्षेत्र मजदूरी करने वाले दलितों के साथ दबंगों के अमानुषिक व्यवहार के लिए कुख्यात रहा है जहां बंधुआ मजदूरी और बेगारी आम बात है | अवज्ञा करने वाले दलितों को दबंगों के पाशविक जुल्म झेलने पड़ते हैं | कई सरकारों के बदलने के बाद भी इस सिलसिले में पूर्ण विराम नहीं लग पाया है | आज फिर इसकी एक बानगी सामने आ गयी |

ग्राम धनौरा कलां निवासी राजेंद्र ने पुलिस को बताया कि उनके पिता तिजोले (65) गांव के ही बखत सिंह के खेत में मजदूरी करते थे। उनकी मजदूरी का करीब 4 हजार रुपया बकाया था। घर में जरूरत पड़ने पर उन्होंने एक अप्रैल को शाम करीब 6 बजे वह भतीजे मोनू के साथ बखत सिंह के यहां रुपये लेने के लिए पहुंचे। जब मोनू व उन्होंने बखत सिंह से मजदूरी के रुपये मांगे तो  गुस्साए बखत सिंह ने घर के अंदर उन्हें न सिर्फ जातिसूचक गालियां दी बल्कि लात घूसों से उनकी मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनका पुत्र शिवाजी भी लाठी, डंडे लेकर वहां आ गया और उसने भी बेरहमी से  मारा पीटा की नतीजतन उसके पीती को कई जगह सांघातिक  चोटें आईं। उनके आतंक के कारण  उसने  इस घटना की सूचना तत्कालपुलिस को देने की हिम्मत नहीं की । सोमवार को गंभीर अंदरुनी चोटों  के चलते उसके पिटा की हालत अचानक बिगड़ गई जिस पर उन्हें  आनन फानन अस्पताल पहुंचाया गया जहां रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई।  इसे ले कर  राजेंद्र की तहरीर पर  पुलिस आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है । अपर पुलिस अधीक्षक असीम चौधरी का कहना है कि पुलिस संजीदगी के साथ जांच में जुटी है | जो सत्यता सामने आयेगी उसके अनुरूप कारवाई की जायेगी |

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