उरई।
शहर के मोहल्ला शान्तिनगर मंे इण्टरमीडिएट की एक छात्रा ने परीक्षा रिजल्ट में एक सब्जेक्ट में संतोषजनक अंक न आने पर व्यथित होकर पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से अपना भेजा उडा लिया। जब घर वालों ने खून से लथपथ अपनी बेटी रानी को देखा तो उनके होश उड गये और घर में कोहराम मच गया।
मोहल्ला शान्तिनगर के राजेन्द्र शर्मा की 18 वर्षीय बेटी साक्षी उर्फ निक्की प्रतिभाशाली छात्रा थी जिससे लेकर मां बाप ने तमाम अरमान सचो रखे थे। उसने इस वर्ष इण्टरमीडिएट की परीक्षा दी जिसका कुछ ही दिन पहले रिजल्ट आया। निक्की ने हर सब्जेक्ट में डिक्टेंशन अंक प्राप्त किये। लेकिन कैमिस्ट्री में उसे केवल 23 नम्बर मिलेे। इससे अन्य विषयों में मिले उच्चतम अंकों की उसकी खुशी काफूर हो गयी और कैमिस्ट्री के अंको ने उसके मन में इतनी ग्लानि भर दी कि वह आत्मघाती फैसला ले बैठी। बीती रात वह घर की तीसरी मंजिल पर बने अपने स्टडी रूम में दाखिल हुयी जिसके बाद उसने रूम बन्द कर लिया और पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर सिर पर लगाकर ट्रिगर दबा दिया जिससे मौके पर ही खून खच्चर वह बेदम हो गयी। उधर घर वालों को इसका कोई पता नहीं चल पाया। रात में जब उसके पिता राजेन्द्र शर्मा घर लौटे तो उसे खाने के लिए बुलाने को स्टडी रूम में पहुंचे लेकिन रूम अन्दर से बन्द था। काफी प्रयास के बाद ही जब रूम नहीं खुला तो पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा तोडा तो अन्दर का नजारा देखकर सभी सकते में रह गये। अन्दर खून से लथपथ निक्की का शव पडा था।

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