
उरई।
जालौन जिले में चार नगर पालिकाओं और सात नगर पंचायतों के लिए गत चार मई को हुए मतदान की गणना आज तहसील मुख्यालयों पर की गई। दलीय आधार पर हुए इस चुनाव को लेकर सियासी माहौल बेहद रोमांचक बन गया था। मतगणना के दौरान भारी गहमागहमी रही। कई निकायों में मतगणना पूरी होने के बाद कम वोटों से हार जीत को देखते हुए पुर्न गणना के आवेदन दिये गये और आवेदन मंजूर कर जब नये सिरे से गणना हुई तो परिणाम बदल गया। जिसे लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गरम रहा।
समाचार लिखे जाने तक उरई नगर पालिका का परिणाम घोषित नहीं हो पाया था। जिला मुख्यालय की नगर पालिका होने के कारण यह सर्वाधिक हाॅट सीट मानी जा रही है। बसपा की उम्मीदवार और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चैधरी यहां लगातार बढत बनाये हुए है। भाजपा की रेखा देवी के मुकाबले वे 8000 वोटों की भारी भरकम बढत बनाये हुए है। अन्य नगर पालिकाओं में जालौन से भी भाजपा की नेहा मित्तल विजयी हुयी जबकि कोंच में निर्दलीय प्रत्याशी विज्ञान विशारद सीरौठिया को पीछे छोडने के लिए भाजपा प्रत्याशी प्रदीप गुप्ता को आखिर तक नाको चने चबाने पड गये तब वे विजयी घोषित हो पाये। कालपी में मामला अभी फसा हुआ है। अन्तिम गणना में बढत बनाने वाले निर्दलीय प्रत्याशी अरबिन्द यादव की जीत की घोषणा रिकाउन्टिंग की एप्लीकेशन आ जाने से रोक दी गयी है। हालाकि इस आवेदन पर समाचार लिखे जाने तक कोई फैसला नहीं हो पाया था।

नगर पंचायतों में सबसे पहला और स्पष्ट परिणाम नदीगांव में आया। यहां अध्यक्ष का पद पिछडा महिला के लिए आरक्षित था। भाजपा ने यहां मीना देवी कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया था जिन्हें 3393 मत मिले। उनकी निकटतम प्रतिद्वन्दी सपा की रमा देवी रही जिन्हें 1484 मत ही मिल सके। नव गठित एट नगर पंचायत में पहले चुनाव का जैसा रोमांच दिखना चाहिए था वैसा मतदान के दिन नजर नहीं आया। फीके मतदान से यहां लोगों की उदासीनता झलकी थी। यहां से निर्दलीय और चर्चित उम्मीदवार पूनम देवी पत्नी लालजी निरंजन ने भाजपा की दीपमाला को 1080 वोट से हराया। यहां सपा से उनकी नामा राशि उम्मीदवार पूनम तीसरे स्थान पर रही। उरई विधानसभा क्षेत्र की दूसरी नगर पंचायत कोटरा में मतगणना के दौरान काफी उथलपुथल देखी गयी। पहले यहां लगातार कांगे्रस उम्मीदवार बढत बनाये हुए था। लेकिन निर्णायक परिणाम में भाजपा के सियाशरण व्यास को विजयी घोषित कर निर्वाचन का प्रमाण पत्र थमा दिया गया। माधौगढ तहसील में माधौगढ से भाजपा उम्मीदवार राघवेन्द्र व्यास को भी निर्दलीय विष्णु प्रताप सिंह से बुरी तरह जूझते हुए आखिर में नाटकीय ढंग से विजेता घोषित होने का सोभाग्य मिला।

इस तहसील की ऊमरी नगर पंचायत में सपा के राजू सेंगर के खिलाफ रिकाउन्टिंग कराकर निर्दलीय प्रत्याशी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाल सिंह भदौरिया और बब्बु भदौरिया ने 65 मतों से बाजी अपने पक्ष में कर ली है। रामपुरा में भी उलट फेर देखने को मिला। पहले बसपा उम्मीदवार सूरज पाल के आगे निकल ने की जानकी दी गयी थी। लेकिन रिकाउन्टिंग के बाद भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी गायत्री देवी को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कालपी तहसील की कदौरा नगर पंचायत से भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी अर्चना शिवहरे को सफलता मिली।
उरई नगर पालिका में 91976 मत पडे थे। जिनमें 85967 मतों की गणना में गिरजा देवी को 39758, भाजपा की रेखा देवी को 31582, सपा की कुसुम रानी को 7016, कांग्रेस की श्यामा जाटव को 1673 और आम आदमी पार्टी को 496 मात्र मत मिले।







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