
उरई।
रविवार को फैक्ट्री एरिया में पुलिस के हाथों मारे गये बदमाशों ने गत दिनों पहले सिपाही भेदजीत सिंह पर गोली चलायी थी जो खाली चली गयी। इसके बाद उन्होंने किसी वजनी चीज से उस पर प्रहार किया जिससे उसके चेहरे और सिर पर गहरी चोटे आयी नतीजतन अत्याधिक ब्लीडिंग के चलते उसकी मौत हो गयी थी।

आज ढेर किये गये बदमाशों ने सिपाही भेदजीत सिंह की हत्या कैसे की थी इसका खुलासा सामने आ गया है। पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि 9/10 मई को रात्रि के 2 से 3 बजे के बीच भेदजीत सिंह ने हाइवे पर संदिग्ध स्थितियों में आते देखा था। उनके हाव भाव से सिपाही को लगा कि दोनों बदमाश किसी वारदात को अन्जाम देने की कोशिश कर रहे है। इस कारण उन्होंने दोनों को रोकने की कोशिश की तो वे भागने लगे। तब भेदजीत ने दोनों का पीछा करना चाहा जिस पर उन्होंने पहले तो उन पर फायर किया जो भेदजीत को लग नहीं पाया। इसके बाद उन्होंने भेदजीत पर किसी वजनी चीज से जोरदार प्रहार कर दिया। जो उनकी मौत की वजह साबित हुआ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सिपाही हत्या काण्ड के बारे में गहनता से सुरागरसी की जा रही थी। इस क्रम में आज सुबह पता चला कि फरार हत्यारें किसी काम से आये हुए है और फैक्ट्री एरिया में मौजूद है। पुलिस ने इस सूचना पर बताये गये स्थान पर उन्हें घेर लिया। पुलिस को देखकर उन्होंने अचानक फायर करना शुरू कर दिया। इसमें एसओजी प्रभारी और सर्विलांस प्रभारी तो बुलट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण फायर लगने के बावजूद बच गये लेकिन उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार सिंह राठौर चोटिल हो गये। उनके दुस्साहस से विचलित होने की बजाय पुलिस ने जबावी मौर्चा संभाल लिया। इस दौरान पुलिस की गोली बारी में दोनों गम्भीर रूप से घायल होकर गिर पडे। इसके बाद उन्हें उठाकर अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत बदमाशों की पहचान राहिया के निवासी कल्लू उर्फ उमेश उम्र 30 वर्ष और सरसौखी निवासी रमेश उम्र 38 वर्ष के रूप में हुयी है। इनके पास से एक अवैध 32 बोर पिस्टल और एक देशी तमंचा मिला है। घटना की सूचना पाकर डीआईजी रेंज जोगिन्दर कुमार भी यहां आ पहुंचे। वे मेडीकल काॅलेज अस्पताल में घायल कोतवाल शिव कुमार सिंह राठौर को देखने पहंुचे और उनके उपचार की जानकारी ली।







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