उरई।
मई का आधे से ज्यादा महीना गुजर चुका है फिर भी पेयजल आपूर्ति की व्यवस्थायें सुचारू ढंग से संचालित नहीं हो रही है जबकि अप्रैल से ही हैण्ड पम्पों और पेयजल नलकूपों की स्थिति सुदृढ करने की कवायद शुरू की जाने का प्रावधान है। किसान यूनियन की रविवार को गल्ला मण्डी में आयोजित बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में खराबी के कारण ठप पडे हैण्ड पम्पों का मुद्दा उठाया गया जिससे इस मोर्चे पर अधिकारियों की लेट लतीफी का भाण्डा फूट गया।
एक ओर जिले के तमाम गावों में पेयजल के संकट के कारण हाहाकार मचा हुआ है तो दूसरी ओर पेयजल प्रबन्धन से जुडे अधिकारी आपदा में अवसर की तलाश में जुटे होने की वजह से उनके क्रंदन को झुटलाने में लगे है। किसान यूनियन की बैठक में आये यूनियन के प्रतिनिधियों ने बताया कि खराब हैण्डपम्प सुधरवाये नहीं जा रहे हैं तो पानी की टंकियों से वाटर सप्लाई देने में कोताही बरती जा रही है। अधिकारियों की इस संवेदनहीनता की खबर ली जानी चाहिए। बैठक की अध्यक्षता रोशन सिंह दादी कुठौंदा ने की जब की संचालन यूनियन के जिलाध्यक्ष डा0 द्धिजेन्द्र सिंह निरंजन ने संचालन किया। मुख्य अतिथि के रूप में यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन उपस्थित रहे। बैठक मंे पेयजल समस्या के अलावा 5 और प्रस्तावों पर चर्चा की गयी। नमामि गंगे योजना के कार्य के दौरान सडकों और मार्गो को हुये नुकसान की भरपाई न करने, अस्त व्यस्त हो रही विद्युत व्यवस्था को ठीक कराये जाने, अनावश्यक कटों के कारण नहरों के पानी की हो रही बर्बादी और तालाब न भर पाने, अन्ना गौवंश के विचरण और फसलों को उनके द्वारा नुकसान आदि समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यानाकर्षित कराने का फैसला लिया गया। साथ ही हरिद्वार में 15 जनवरी को होने जा रहे राष्ट्रीय अधिवेशन मंे भाग लेने के बारे मंे विचार विमर्श हुआ।
बैठक मंे बृजेश राजपूत, रामकुमार, दिनेश प्रताप, पवन राजपूत, चतुर सिंह, चन्द्रमोहन, देवेन्द्र बिदुआं, जगदेव सिंह, रामस्वरूप, अशोक दीक्षित, सौरभ, हरीशंकर, मंगल, भगत सिंह, सुनील कुमार, रामबाबु, देवेन्द्र, राममिलन, रामकुमार आदि उपस्थित रहे।







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