नशीले पदार्थो के दुरूपयोग को रोकने के लिए बनी कारगर रणनीति , मेडिकल दुकानों की सघन निगरानी के निर्देश

उरई | जिलाधिकारी चाँदनी सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारको काॅरडिनेशन सेन्टर(एनसीओआरडी) की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिसमें उन्होंने बिन्दुवार समीक्षा करते हुये संबंधित अधिकारियों को आवश्य दिशा-निर्देश दिये। कहा कि जनपद में नशीली/प्रतिबंधित दवाओं के दुरूपयोग की  रोकथाम हेतु औषधि निरीक्षक, क्षेत्रीय निदेशक, नार्काेटिक्स एवं आबकारी विभाग आपसी सम्पर्क एवं समन्वय स्थापित करते हुये प्रभावी कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें। उन्होने यह भी निर्देशित किया कि औषधि की दुकानों पर प्रतिबंधित दवाओं को डाॅक्टर के प्रिसक्रिप्शन पर ही बिक्री करने एवं जनपद में स्थित सभी कैमिस्टों को फोन/व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जोड़कर प्रतिबंधित दवाओं के भण्डारण एवं बिक्री संबंधी सूचना तन्त्र विकसित करने  तथा इंजीनियरिंग, मेडिकल कालेज एवं विद्यालयों के पास स्थित कैमिस्ट की दुकानों को नियमित रूप से चैक किया जाए | अफीम, भांग, गांजा आदि नशीले पदार्थो की खेती/उत्पादन के संबंध में जिला कृषि अधिकारी एवं नार्कोटिक्स विभाग के संबंधित अधिकारी चर्चा करके कारवाई करें | अफीम, भांग, गांजा की अवैध खेती करने वाले क्षेत्रों में एन0डी0पी0एस0 एक्ट की जानकारी व इसके हानिकारक प्रभावों के संबंध में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए | साथ ही उन्होने यह भी निर्देशित किया कि जनपद में संचालित स्कूल, कालेजों में इनके उपयोगपर निगाह रखते हुए इनमें  नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी एवं परिणामपरक आयोजन कराना सुनिश्चित करें। जनपद में नशामुक्ति केन्द्रों के  नियमित पर्यवेक्षण व इसके मरीजों के पुर्नवास के संबंध में विचार-विमर्श करना सुनिश्चित करे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) पूनम निगम, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एन0डी0 शर्मा, क्षेत्राधिकारी सदर गिरजा शंकर त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी प्रणवीर सिंह सेंगर, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पण्डित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, आबकारी निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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