उरई।
साइबर क्राइम सेल की तत्परता से आॅनलाइन धोखा धडी के शिकार तीन लोगों की रकम अन्ततोगत्वा वापस करा ली गयी। हालाकि इन मामलों में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस सूत्रों ने नहीं दी है।
डिजिटल लेनदेन को मिल रहे बढावे के साथ ठगों के लिए एक नया द्वार खुल गया है। आनलाइन धोखा धडी के जरिये वे भोले भाले लोगों को चूना लगाते रहते हैं। पहले ऐसे प्रकरण में धोखा धडी का शिकार सिर पीट कर रह जाता था। पीडित पुलिस में शिकायत करता था तो पुलिस असहायता जताकर पल्ला झाड लेती थी। लेकिन अब जिला स्तर पर भी साइबर क्राइम सेल का गठन हो चुका है। इस सेल की दक्षता बेहद कारगर है। इसके कारण धोखा धडी को विफल करके पीडित को पूरी रकम की रिकवरी सम्भव हो रही है।
इस कडी में अविनाश वर्मा ने 33 हजार रूपये, सुलोचना कुमारी ने 50 हजार रूपये और शैलेन्द्र ने 25 हजार रूपये की चपत आनलाइन जालसाजो द्वारा उन्हें लगाने की शिकायत अलग अलग समय पुलिस अधीक्षक से की थी। पुलिस अधीक्षक ने इन मामलों को प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम सेल को जांच के लिए जिन्होंने आवेदकों द्वारा उपलब्ध कराये गये बैंक स्टेटमैन्ट का अवलोकन व तकनीकी विशलेषण कर त्वरित व प्रभावी कार्यवाही के जरिये विभिन्न वित्तीय एजेंसियों से सम्पर्क करके सभी का रूपया वापस कराने में सफलता प्राप्त की। अपने नुकसान की पूर्णतया भरपाई ने पीडितों को गदगद कर दिया। उन्होंने पुलिस का धन्यवाद किया।







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