सिरसाकलार-उरई।
उच्च शिक्षा के बावजूद नौकरी ने मिलने और इसके बाद वकालत के विकल्प में भी नाकामयाब रहने से परेशान शिशुवेन्द्र खरे को अपनी जिन्दगी पटरी पर लाने की राह उन्नत टमाटर की खेती से आकर मिली। अब इसमें अच्छी खासी कमाई करके वे दूसरे बेरोजगारों के लिए संबल बन रहे है।
जखा गांव के निवासी शिशुवेन्द्र खरे ने एमए करने के बाद एलएलबी की। पहले वे सरकारी नौकरी की तलाश करते रहे लेकिन बात नहीं बन पायी। इसके बाद उन्होंने वकालत की प्रेक्टिस करके घर चलाना चाहा लेकिन इसमें भी उनकी किस्मत ने दगा दे दिया। उधर संयुक्त परिवार होने से घर की काफी जिम्मेदारियां उन पर थी जिससे उनकी अकुलाहट चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी। वे घर की कुछ खेती में हाथ अजमा रहे थे जो संतोषजनक आमदनी का जरिया नहीं बन पा रही थी।
इसी दौरान मध्य प्रदेश में कृषि विभाग में उच्च पद पर रह चुके गांव के नथू सिंह सेंगर उनके लिए देव दूत बनकर आये। जब वे गांव आये थे तब उनके सामने शिशुवेन्द्र की खस्ता हालत का जिक्र आया तो उन्होंने उन्नतिशील टमाटर की खेती का मंत्र उन्हें बुलाकर दिया। इस पर शिशुवेन्द्र ने यूट्यूब से भी सीखा और जुट गये भाग्य अजमाने। इससे उनके लिए खुशहाली का द्वारा खुल गया। शिशुवेन्द्र ने बताया कि अवलास वेराइटी वाले टमाटर की खेती में उन्हंे एक बीघा मंे पचास हजार तक का फायदा हो जाता है। उनके परिवार मंे 14 लोग है। सभी इसमें मनोयोग से जुटे रहते है। इससे परिवार की उनकी सारी मुश्किले दूर हो गयी।







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