उरई।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और उपाम के महानिदेशक एल0 वेकंटेश्वर लू ने सडक सुरक्षा के सम्बन्ध में लोगों को लम्बा व्याख्यान देकर गीता के ज्ञान की जमकर घुट्टी पिलायी। यह भी कहा कि लोग स्वयं अपने में नियमों का पालन करने की भावना लायें न कि चालान के डर से ऐसा करने की बाध्यता समझें। उनका कहना था कि तभी सडक सुरक्षा योजना सफल होगी और सडक दुर्घटनाओं में लोगों की अकाल मौत जैसी घटनाओं को खत्म किया जा सकेगा।
मेडिकल काॅलेज के आडिटोरियम में बुधवार को वेंकटेश्वर लू ने मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, सडक सुरक्षा व दुर्घटनाओं में मानवीय, आर्थिक एवं सामाजिक क्षति की रोकथाम हेतु आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित किया। जालौन में डीएम के रूप मंे पदस्थ रह चुके वेंकटेश्वर लू ने गीता के हवाले से नैतिक नियमों का पालन करने की अपील लोगों से की। इस दौरान मुख्यमंत्री के स्वस्ति वाचन के क्रम मेें उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश में भर्तियां और नियुक्तियां पैसे, जातिगत या धार्मिक पक्षपात और भाई भतीजा वाद के आधार पर की जाने की कोई गुंजाईश नहीं बची है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का स्पष्ट कहना है कि सरकारी नौकरी देने में अभ्यर्थी की मेरिट ही सर्वोच्च पैमाना होना चाहिए और इसका पालन अक्षरशः हो रहा है। उन्होंने कहा कि सुदूर गांवों में मेहनती, प्रतिभाशाली और हुनरमंद युवाआंे की कमी नहीं है। जिन्हें अभ्युदय योजना में शामिल कर कोंचिंग दी जाये ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने का अवसर प्राप्त कर सकें।
एल0 वेंकटेश्वर लू ने सम्बोधित करते हुये कहा कि अधिकारी, छात्र-छात्रायें, जनमानस सड़क सुरक्षा नियम जीवन में संस्कार की तरह आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होने संविधान व गीता आदि का सन्दर्भ देते हुये कर्मयोगी बनने के लिये चार मूलमंत्र जैसे गीताज्ञान, सड़क सुरक्षा मानव रक्षा, विश्व रक्षा का सन्देश देते हुये प्रदेश में दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने पर बल दिया। उन्होने बताया कि मन और विवेक को काबू में रखकर वाहन चलाना चाहिये तथा क्रोध व नींद की दशा में वाहन का संचालन न करें। उन्होने कहा कि समय-समय पर परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा अभियान चलाकर लोगों को हादसों से बचाव के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होने कर्मयोग के माध्यम से सड़क दुर्घटना में कमी लाने की अपील की। उन्होने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज समृद्ध बनता है साथ ही समाज में फैली नकारात्मकता कम होगी क्योंकि जब इस तरह के कार्यक्रमों में युवा पीढ़ी भाग लेती है तो उनके अन्दर नयी सोच व भावना उत्पन्न होती है | उसी के आधार पर वह एक नये समाज की संरचना तैयार करते हैं। उन्होने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य बताते हुये कहा कि इस योजना के तहत छात्रों को आई0ए0एस0, आई0पी0एस0, पी0सी0एस0, एन0डी0ए0, सी0डी0एस0, नीट जैसी प्रतियोगिताओं के लिये मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाती है । इस योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार छात्रों को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा और वह अच्छी कोचिंग प्राप्त करके सफल हो सकेगे ।
जिला पंचायत अध्यक्ष डा0 घनश्याम अनुरागी, विधायक माधौगढ़ मूलचन्द्र निरंजन, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के उपनिदेशक एस0एन0 त्रिपाठी, सड़क सुरक्षा के डिप्टी कमिश्नर मयंक ज्योति, मिशन कर्मयोगी वक्ता आचार्य रामकृष्ण गोस्वामी, कपिल आनन्द चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने मिशन कर्मयोगी के अन्तर्गत सड़क दुर्घटना में मानवीय, आर्थिक एव सामाजिक क्षति की रोकथाम के लिये लोक संवाद आदि विषयों पर प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी चाँदनी सिंह ने कर्मयोग, अभ्युदय योजना एवं सड़क सुरक्षा लोक संवाद में शामिल हुए समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 अभय कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी न्यायिक मोतीलाल यादव, नगर मजिस्ट्रेट रामप्रकाश, परियोजना निदेशक शिवाकान्त द्विवेदी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, उप शिक्षा निदेशक समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ भगवत पटेल, ए0आर0टी0ओ0 प्रशासन सौरभ कुमार, ए0आर0टी0ओ0 प्रवर्तन विनय कुमार पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पण्डित, बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, समाज कल्याण अधिकारी प्रवीन कुमार सिंह, समाज कल्याण अधिकारी विकास सत्यम त्रिपाठी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।







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