हिंदी भाषा की कलम से ही लड़ी गई इंसाफ की लड़ाई – अनिल वैद
कोंच-उरई | इंटर कॉलेज में चल रही निःशुल्क ग्रीष्मकालीन बाल एवं युवा रंगकर्मी नाट्य कार्यशाला में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया | संगोष्ठी की शुरुआत इप्टा गीत “बजा नगाड़ा शांति का” से किया गया।
संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि राजधानी लखनऊ में एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल की वीडियो एडिटर एवं लेखिका तैबा हबीब ने वर्चुअल रूप से सम्बोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र एवं परिधि बहुत व्यापक है। उसके किसी सीमा में बांधा नहीं जा सकता। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हो रही हलचलों, संभावनाओं पर विचार कर एक नई दिशा देने का काम पत्रकारिता के क्षेत्र में आ जाता है। पत्रकारिता जीवन के प्रत्येक पहलू पर नजर रखती है। इन अर्थों में उसका क्षेत्र व्यापक है | विशिष्ट अतिथि प्रांतीय संयोजक एवं इप्टा कोंच संस्थापक अध्यक्ष डॉ नईम बॉबी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संगोष्ठी को वर्चुअल सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता के बिना मीडिया जगत अधूरा है| हिंदी पत्रकारिता दिवस हर साल तीस मई को मनाया जाता है | दरअसल इसे मनाने की वजह यह है कि इसी दिन साल 1826 में हिंदी भाषा का पहला अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित होना शुरू हुआ था। इसका प्रकाशन तत्कालीन कलकत्ता शहर से किया जाता था और पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे शुरू किया था। शुक्ल स्वयं ही इसके प्रकाशक और संपादक थे| इप्टा अध्यक्ष अनिल कुमार वैद एडवोकेट ने कहा कि भारत की आजादी से लेकर, आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई तक हिंदी भाषा की कलम से ही इंसाफ की लड़ाई लड़ी गई। भले ही वक्त बदलता रहा और पत्रकारिता के मायने और उद्देश्य भी बदलते रहे, लेकिन हिंदी भाषा से जुड़ी पत्रकारिता में लोगों की दिलचस्पी कम नहीं हुई है|
महासचिव साहना खान एवं रंगकर्मी आस्था बाजपेई ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गौरव हिंदी भाषा का पत्रकारिता के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान है। सामाजिक सरोकार जन हित के मुद्दों को प्रभावी सकारात्मकता के साथ आमजन को सुलभ तरीके से पहुंचाने में आज भी हिंदीभाषी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका कायम है इस अवसर पर अन्यया राठौर, किंजल यादव, मिनी वर्मा,राधिका वर्मा करीना वर्मा, महक वर्मा, नव्या सक्सेना साक्षी सिंह,तमन्ना, अंजली वर्मा,हिमांशी साहू, अन्यया वर्मा माही वर्मा,साजिद मंसूरी, सोयब मंसूरी, सेजल वर्मा, मोहनी अहिरवार, राधा, गौरी नायक,तेजस्वनी भरद्वाज, दिव्या वर्मा, वैष्णवी ,अंशिका, मुस्कान, पूनम विकास गोस्वामी, कोमल अहिरवार, युनुस, दानिश अमन अग्रवाल ,मुहम्मद कैफ आदि उपस्थित रहे। संचालन टिंकल राठौर ने किया।







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