उरई।
प्रदेश सरकार द्वारा तहसील ब्लाक और थाना स्तर के अधिकारियों की जबावदेही तय की जाने के बाद इनके कार्य संचालन की नियममित रूप से निगरानी शुरू होने के संकेत हैं। गुरूवार को जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने इस तारतम्य में कदौरा पहुंची। इस दौरान उन्होंने ब्लाक, पशु चिकित्सालय व आगनवांडी के कार्य संचालन को परखा और सम्बन्धितों को व्यवस्था और चाकचैबन्द करने के लिए दिशा निर्देश दिये।
कदौरा मेें ब्लाक के निरीक्षण में उन्होंने विभिन्न पटलों को उन पर पहुंच कर देखा। बाबुओं को अभिलेखों के व्यवस्थित ढंग से रख रखाव की हिदायत दी। खण्ड विकास अधिकारी से कहा कि वे क्षेत्र पंचायत के कार्यों की स्वंय स्थलीय जांच कर आख्या प्रस्तुत करें ताकि इनमें कहीं कोई घपलेबाजी न हो पाये। खास तौर से डीएम ने जन शिकायतों को लेकर कहा कि इनके सम्यक निस्तारण के लिए शासन की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बिन्दु पर किसी तरह की कोताही की गुंजाइश न रहने दी जाये। शिकायत का मनमाना नहीं तार्किक निस्तारण करने पर ध्यान दे ताकि निस्तारण के नाम पर नम्बर बढाने की बजाह इस दावे में मजबूती लायी जा सके कि निस्तारण यथार्थ में करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने वीडियों से यह भी कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों को अतिरिक्त ग्राम पंचायत आवंटित न की जायें। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को फाइलों में कैद न रखकर आम जनमानस तक पहुंचा कर उन्हें लाभान्वित करें। डीएम ब्लाक परिसर की साफ सफाई से खुश दिखी।
राजकीय पशु चिकित्सालय के निरीक्षण में उन्होंने निर्देशित किया कि गौशालाओं का प्रतिदिन निरीक्षण होना चाहिए और सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उनमें व्यवस्था पर्याप्त रहे। बीमार गौवंश को उपचार दिया जाये। गौवंश को किसी प्रकार की क्षति न हो पाये। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। आगंनवांडी केन्द्र की व्यवस्था परखते हुए उन्होंने शून्य से छः वर्ष तक के बच्चों को नियमित पुष्टाहार का वितरण सुनिश्चित करनें को कहा। इस अवसर पर कदौरा के खण्ड विकास अधिकारी अश्वनी सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।







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