उरई | 5 वर्ष पूर्व किशोरी के शील भंग के प्रयास को ले कर कदौरा थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस द्वारा पैरवी में की गयी मेहनत के चलते शनिवार को पाक्सो अदालत ने हरचंदपुर निवासी अभियुक्त को दोषसिद्ध करार दे कर 5 वर्ष के कारावास और 10 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुना दी |
यह मुकदमा 2018 में लिखा गया था | पाक्सो एक्ट का मुकदमा होने के कारण पुलिस अधिकारियों ने गहनता से इसकी विवेचना कराई और अकाट्य साक्ष्य संकलित कर अदालत में चार्जशीट पेश की जिसके चलते अभियुक्त हरचंदपुर निवासी दयाशंकर अहिरवार को दोषी मानते हुए आज अदालत ने 5 वर्ष की कैद और 10 हजार रूपये के जुर्माने का एलान सुना डाला |






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