जालौन में तहसील भवन के जीर्णोद्धार का फीता कटा , किसी को याद नहीं आयीं ताईबाई

उरई | जालौन में तहसील सभागार का रेनोवेशन हुआ है |  जीर्णोद्धार के बाद बने इस गुड लुकिंग सभागार का जिलाधिकारी चाँदनी सिंह ने पुलिस अधीक्षक इराज राजा को सौजन्यवश साथ ले कर फीता काटा तो तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूँज उठा | जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिष्ठानों की भव्यता और सुन्दरता कार्य संस्कृति में अभिवृद्धि करती है जिससे इनकार नहीं किया जा सकता | प्रधानमन्त्री जी और मुख्यमंत्री जी के इस पाठ को हम नौकरशाही ने व्यवहार के स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव किया है और इसका लाभ उठाया जा रहा है |

इस अवसर पर जन मानस के सामने प्रथम स्वाधीनता संग्राम की महानायिका रानी ताईबाई के स्मरण को सजीव करने की उत्कंठा उन बुद्धिजीवियों में जाग्रत हुई जो देश के लिए उनके योगदान और बलिदान के कर्ज से अपने को पीढ़ियों तक दबा अनुभव करता है | जालौन की तहसील उनके रनिवास में विजय दर्प से भरे फिरंगियों ने स्थापित की थी ताकि उनके इतिहास को लानत में बदल कर मटियामेट कर सकें इसलिए जब पुराना तहसील भवन जीर्ण शीर्ण होने पर उसी परिसर में नए भवन का अभिकल्पन शुरू हुआ तो मांग की गयी थी कि पुराने तहसील भवन को सहेज कर प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम का संग्रहालय उसमें तैयार किया जाए जिससे आला हाकिम भी सहमत थे फिर ऐसा क्यों नहीं हुआ | आज एक और फीता कटा लेकिन यह यक्ष प्रश्न उठाने के लिए जिम्मेदार मौन क्यों साध गए |

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