सिरसाकलार-उरई।
थाना क्षेत्र के हथना बुजुर्ग गांव में गरीब की झोपड़ी अज्ञात कारणों से लगी आग की भेंट चढ़ी़ गयी। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग को काबू में किया जिससे और घर बच गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने भी आग बुझाने की मशक्कत में ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया।
बता दें कि सुबह 11 बजे हथना बुजुर्ग में मजदूरी करके पेट पाल रहे अमर सिंह के घर में अचानक आग धधक उठी। जिसकी चपेट में उसका छप्पर सहित पूरा घर आ गया। उसके एक कच्चे कमरे में जानवरों के लिये भूसा भरा था। जिसमें आग के कारण धंू धूं करके लपटें उठने लगीं। नतीजतन उसमें दबे गेहूं की बोरियां जल गयी। घर में रखे बिछाने, पहनने के कपड़े और खाने पीने की सामग्री भी प्रचण्ड आग के आगोश में समा गयी। धुंवा देकर अमर सिंह के पड़ोसी बाल्टियां लेकर दौड़े। अगल बगल के घरों से लोगो ने आग पर पानी फेंका। पुलिस ने भी पहुंच कर आग बुझाने में हाथ बंटाया। आग पर काबू पाने में 2 घण्टे लग गये। इस बीच किसी ने दमकल विभाग को फोन कर दिया था। जिससे उरई से दमकल गाड़ियां भी चल पड़ी थी लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। इसलिये बीच रास्ते से ही गाड़ियों को लौटा दिया गया। पुलिस इंस्पेक्टर दिनेश कुरील ने चूल्हे की चिंगारी से आग लगने का अंदेशा जताया। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिये तत्काल जुटने में ग्रामीणों ने साहस का परिचय दिया अन्यथा आग फैलकर दूसरे घरों में भी तबाही मचा सकती थी।







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