औरैया।
आगरा के सर्राफ को लूटना इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया। एसपी ने बाइक से उसके सरकारी आवास में दबिश दी जिसमें लूट की चांदी बरामद होने के बाद इंस्पेक्टर और एक उप निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में इंस्पेक्टर सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभियोग कायम हुआ है। फरार पुलिसकर्मियों की तलाश की जा रही है।
एसपी चारू निगम ने बताया कि 6 जून को आगरा के सर्राफा कारोबारी मनीष सोनी 50 किलो चांदी लेकर जा रहे थे जिसकी जानकारी भोगनीपुर के इंस्पेक्टर अजय पाल शर्मा को हुयी। उन्हें सूचना दी गयी थी कि चांदी दो नम्बर की है। औरैया जिलेे की सीमा में अजय पाल शर्मा ने दरोगा चिंतन कौशिक, हेड कांस्टेबिल रमाशंकर और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ रोक कर उसकी तलाशी ली। चांदी मिलने पर उन्होनें माल कब्जे में कर लिया। जांच पड़ताल में मनीष सोनी कागजात नहीं दिखा सके तो इंस्पेक्टर को विश्वास हो गया कि माल वास्तव में दो नम्बर का है। उन्होंने चांदी हड़पकर सर्राफ करोबारी को भगा दिया और सरकारी गाड़ी से माल लेकर निकल भागे।
बाद में सर्राफ कारोबारी ने औरैया की एसपी चारू निगम से दुखड़ा रोया तो उन्होंने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर एडीजी आलोक सिंह को पूरी जानकारी दी। उनके निर्देश पर कानपुर देहात के एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति भी मौके पर पहुंच गये। उनके साथ चारू निगम ने इंस्पेक्टर अजय शर्मा के सरकारी आवास पर भोगनीपुर में दबिश दी जिसमें पूरी 50 किलों चांदी बरामद हो गयी। मौके पर इंस्पेक्टर अजय पाल शर्मा और दरोगा चिंतन कौशिक गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्पेक्टर के कारखास सहित चार अन्य पुलिसकर्मी भी रूट में शामिल थे जिनकी तलाश की जा रही है।
इस घटना से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि हर एसपी थाना कोतवाली के चार्ज के लिये कमाऊ पूतों पर दाव लगाता है जिससेे चंद पेशेवर एसओ, एसएचओ हर एसपी के कार्यकाल में अच्छा थाना हथियाने में सफल रहते हैं। इनके दिल खुले होते है जिसके कारण ये जमकर जनता के साथ लूटपाट करने से बाज नहीं आते। उक्त घटना ने पुलिस की इस व्यवस्था का आइना एक बार फिर मुख्यमंत्री को दिखा दिया है। अब देखना है कि इसकी रोक के लिये सीएम संस्थागत सुधार की दिशा में कौन सा कदम आगे बढ़ाते है।







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