उरई।
डकोर विकास खण्ड के ऐर को कई कारणों से बदनाम माना जाता था जिसकी तस्वीर बदलकर इसे तपोभूमि की तरह विकसित करने का बीडा प्रधान जुझार सिंह ने उठाया है जिन्होंने नशा, जुआ आदि कुरीतियो को बंद करवा कर अपराध के चस्के से लोगो को उबारकर रचनात्मक कार्यों के लिये प्रेरित करने के मामले में हाल के वर्षों में न केवल गांव बल्कि पूरे क्षेत्र में नाम कमाया है।
  भगवती मानव कल्याण संगठन से जुड़कर जुझार सिंह ने प्रधान बनने के पहले से ही ऐर को आदर्श गांव के रूप में सवारने की शुरूआत समाजसेवी कार्यो के माध्यम से की थी जो आज परवान चढ़ रही है। इसी क्रम में ऐर की तस्वीर बदलकर उसे तपोवन बनाने के लिये उन्होंने सुगठित रूप रेखा तैयार की है। जुझार सिंह ने बताया कि इसके तहत खास तौर से बच्चों के शारीरिक सौष्ठव को पुष्ट करने लिये कदम उठाए जाने है ताकि युवा होने पर उन्हें सेना या पुलिस में भर्ती होने का अवसर मिल सके। उन्होंने बताया कि नहर के पास सुन्दरीकरण का कार्य हो रहा है जिसमें ब्रह्मानंद विद्यालय और पार्क का निर्माण होना है जिसमें बच्चे पढ़ने के साथ साथ शारीरिक अभ्यास और तमाम व्यायाम भी कर सकेंगे। आकर्षक बस स्टैण्ड भी तैयार किया जा रहा है। स्वामी अखण्डानंद के आश्रम को रमणीय बनाना भी इसमें शामिल है। एक बैठक आयोजित कर इन प्रस्तावों पर चर्चा हुयी जिसमें जुझार सिंह के अलावा रज्जन, योेगेश त्रिपाठी, डां देवेन्द्र, डां मेहर, दीप, दीवानचन्द, अध्यापक पृथ्वीराज, अध्यापक रामशरण चैधरी, शकूर चाचा, अजय यादव, मेजर संदीप राजपूत, तालिब हुसैन, प्रहलाद, लाखन चैधरी, झल्लू चाचा, राशिद खान, इस्माइल ठेकेदार, अमर सिंह, सुगर सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, हरनारायण, गंगाराम, कल्लू, इरफान, निर्दोष, हीरालाल, सुंदरलाल और गुलाब सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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