विद्युत अव्यवस्था को लेकर परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में बवाल काटा


उरई।
शहर में पिछले कुछ दिनों से बिजली की बढ़ती अघोषित कटौती से गुस्साये विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में आज जमकर बवाल काटा। बिजली विभाग के मुर्दाबाद के साथ हम नहीं भींख मांगते, अपना अधिकार मांगते जैसे तमाम नारे गुंजाये। जिससे कलेक्ट्रेट में हंगामा खड़ा हो गया। डीएम के निर्देश पर विद्युत प्रखंड एक के एक्सीयन कार्यकर्ताओं का सामना करने पहुंचे। साथ ही डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट रामप्रकाश को भी उनके बीच भेजा।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग में जमकर भ्रष्टाचार व्याप्त है जिसके कारण सुचारू आपूर्ति सम्भव नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा समस्या कोंच फीडर क्षेत्र की है जिसमें आपूर्ति कई कई घण्टे के लिये बंद हो जाती है। इस फीडर पर लोड कम करने के लिये दो भागों में इसे बांटा जाये तभी स्थिति ठीक हो सकती है।
निर्मल तिवारी का कहना था कि हर जेई को लोगों के फोन अटैंड करने की सख्त हिदायत दी जाये ताकि यह बताया जा सके कि आपूर्ति क्यों बंद हुयी है और कितना समय शुरू होने में लगेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उपभोक्ताओं को बढ़ाचढ़ाकर बिल भेजे जाते है जिनको संशोधित करने के नाम पर कार्यालय में उपभोक्ता से भारी वसूली की जाती है। चित्रांशू सिंह ने कहा कि अगर 10 दिन में बिजली विभाग स्थिति नहीं सुधारता तो बड़ा आन्दोलन किया जायेगा। अनोखे ढंग से विरोध जताने के लिये कार्यकर्ता नारे लगाते हुये कलेक्ट्रेट में अपने ऊपर पानी उड़ेलकर नहाने भी लगे। उनके तेवर से एक्सीयन सहमे नजर आये। इसी बीच कार्यकर्ता डीएम को ज्ञापन देने की जिद करने लगे जिसपर सिटी मजिस्ट्रेट रामप्रकाश ने किसी तरह उन्हे शांत किया। उन्होंने कहा कि ज्ञापन ग्रहण करने के बाद इसमें उठाये गये मुद्दों का सम्बन्धित विभाग से निराकरण कराया जायेगा। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता से कहा कि अभी जो कार्यवाही संभव हो उसे फौरन करें और निर्धारित अवधि में उनकी सभी मांगों पर समाधान किया जाये। अधिशासी अभियन्ता ने इस पर सहमति दी।

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