उरई।
सरदार पटेल चैराहा स्थित बृजवासी रेस्टोरेंट में आरक्षण के जनक कहे जाने वाले छत्रपति साहू जी महाराज की जयंती पर ऑल आरक्षित टीचर्स वेलफेयर एसोसियेशन के तत्वावधान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता ऐसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष एसएस शास्त्री सुगत ने की। प्रदेश सलाहकार प्रवेन्द्र पाल सिंह ने संचालन किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने छत्रपति साहू जी महाराज के जीवन और उनके द्वारा दलित एवं पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिये किये गये योगदान की कृतज्ञ भाव से चर्चा की गयी।
प्रमुख समाजसेवी नाथूराम बौद्ध ने कहा कि साहू जी को इसीलिये प्रजापालक राजा कहा गया है क्योंकि उन्होंने बिना किसी जाति के भेदभाव के अपनी समूची प्रजा की भलाई के लिये पूरी ऊर्जा झौंक दी थी। प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने बताया कि साहू जी महाराज बाबा साहब अम्बेडकर की काबिलियत को देखकर स्वयं उनके आवास पर मिलने पहुंचे और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिये आर्थिक सहयोग देकर प्रोत्साहित किया जिससे दलित पिछड़ी जातियों के लोगों को बाबा साहब के रूप में एक महान उद्धारक मिल गया। प्रदेश महामंत्री प्रेम कुमार कुशवाहा और सलाहकार राजेन्द्र सिंह ने बताया कि साहू जी के सत्ता संभालने के पहले गैर ब्राह्यण जातियों केे लिये शिक्षा के द्वारा निषिद्ध थे। साहू जी महाराज ही थे जिन्होंने 1894 में अपने राज्य में सभी जातियों के लिये शिक्षा के द्वार खोल दिये।
अध्यक्षता कर रहे एसएस शास्त्री सुगत ने बताया कि 26 जुलाई 1902 को साहू जी महाराज ने अपनी रियासत कोलापुर में अनुसूचित, पिछड़ी एवं अल्पसंख्यक जातियों के लिये सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत आरक्षण का कानून लागू किया इसलिये उन्हें भारत में आरक्षण का जनक कहा जाता है। संगोष्ठी के अंत में शिक्षक वीरेन्द्र कुशवाहा को जनपद इकाई का जिला महामंत्री घोषित किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य रूप से आरबी कुशवाहा, डां शत्रुघन सिंह राजपूत, भूरी देवी, जिला कोषाध्यक्ष आलोक चन्द्रा, अखिलेश कुमार, अभिषेक वर्मा, राजेन्द्र सिंह पाल, अजय चैधरी कोआर्डिनेटर स्वतंत्र मजदूर यूनियन, भरत लाल, दीपक कुमार, शैलेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।







Leave a comment