उरई।
कर्मचारी शिक्षक मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी को फिर एक ज्ञापन देकर कालपी के टरननगंज चैराहा का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई करने की मांग की है। इसके पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जब कुछ दिनों पहले उरई आये थे उस समय भी उन्हें इस आशय का ज्ञापन सौंपा गया था।
कर्मचारी शिक्षक मौर्चा के जिलाध्यक्ष लाल सिंह चैहान ने कहा कि यह शर्मनाक है कि देश के आजाद होने के बाद भी प्रथम स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों का दमन करने वाले कंपनी सरकार के सैन्य अफसर के नाम को कालपी में ढोया जा रहा है। टरनन उस समय कम्पनी सरकार का सैन्य अधिकारी था। गुलामी का एहसास कराने के लिये कालपी मेें बड़े इलाके को उसका नाम दे दिया गया था। इस कलंक के आज जारी रहने का कोई औचित्य नहीं है।
प्रथम स्वाधीनता संग्राम में कालपी वीरांगना लक्ष्मीबाई की रणभूमि रहा है जहां उनके मार्गदर्शन में कई दिनों तक क्रांतिकारियों की सरकार का संचालन हुआ था। कालपी के इस योगदान पर सारे देश को नाज होना चाहिये इसलिये यह अत्यंत गौरव का विषय होगा कि टरननगंज मुहल्लें को अंग्रेज अफसर के नाम के अभिशाप से मुक्त कर लक्ष्मीबाई का नाम दिया जाये। वीरांगना को श्रद्धांजलि देने का यह अत्यंत गरिमामय तरीका होगा इसलिये यह कदम उठाने में देरी नहीं की जानी चाहिये।






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