उरई।
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के एक प्रतिनिधि मंडल ने देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अतिरिक्त उप जिलाधिकारी राहुल दुबे को सौंपा।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल में बहुजन क्रांति मोर्चा के जमुना प्रसाद बौद्ध, एलवी जाटव, भगवान दास, आरबी कुशवाहा, हरीशंकर याज्ञिक, चरण सिंह कुशवाहा, कृष्ण प्रजापति, रामलाल कुशवाहा, रामसनेही कुशवाहा काली शामिल थे।
ज्ञापन में बताया गया कि आदिवासियों की संस्कृति और पहचान समाप्त करने के लिये विकास के नाम पर उन्हें जल जंगल और जमीन से बेदखल करने का कार्य किया जा रहा है जिसके लिये असंवैधानिक तरीके अपनाये जा रहे हैं। इसी तरह मणिपुर में आदिवासी समुदाय के बीच चल रही मार काट अभी पूरी तरह बंद नहीं हुयी है। इसे शीघ्र से शीघ्र बंद कराया जाये क्योंकि इसमें 130 से अधिक लोगों की जान जातीय नफरत की बलिवेदी पर भेंट चढ़ चुकी है। हजारों लोग विस्थापित होकर शरणार्थी शिविर में डेरा जमाने के लिये मजबूर है। महामहिम राष्ट्रपति स्वयं एक आदिवासी होने के नाते आदिवासियों के दर्द को महसूस करें और मणिपुर में शांति की स्थापना के लिये प्रभावी कदम उठाने का निर्देश सरकार को दें।







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