बरसात में टापू बन जाना बन गयी थी टीहर की नियति, प्रधान प्रदीप गौरव ने चार दशक बाद दिलायी स्थायी निजात

उरई।
रामपुरा ब्लाॅक की टीहर ग्राम पंचायत में बरसात के समय जल भराव के कारण नारकीय स्थिति बन जाती थी और कई लोग उनके घर जलमग्न होने से कई दिनों के लिये बेघर हो जाते थे। पिछले चार दशक से इस अभिशाप को झेल रहे ग्रामीणों को वर्तमान प्रधान प्रदीप गौरव के दृढ़संकल्प के चलते इस बार निजात मिल पायी है।
टीहर में जल निकास की अभी तक कोेई प्रभावी व्यवस्था दबंगों के अतिक्रमण के चलते नहीं हो पायी थी। पूर्व के जिन प्रधानों ने इसके लिये पहल की उन्हें इनके आगे सरेंडर कर जाना पड़ा। प्रदीप गौरव ने जब चुनाव लड़ा था उसी समय उन्होंने वायदा किया था कि जीतने पर वे अतिक्रमण का सफाया करके जल निकासी की सुगम व्यवस्था तैयार कर देंगे। उन्होंने इस वायदे को आखिर निभाकर दिखा दिया। दबंग आड़े आये तो वे व्यक्तिगत रूप से एसडीएम से मिले जो उनसे बहुत प्रभावित हुये। उन्होंने नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल की टीम के साथ भारी पुलिस बल भेजकर बुलडोजर चलवा दिया जिससे जल निकासी के लिये नाला बनाने का रास्ता साफ हो गया।
ध्यान रहे कि जल निकासी की सुविधा न होने से बरसात होते ही उक्त गांव चारों ओर से जलमग्न हो जाता था और टापू जैसा नजर आने लगता था। कई घरों में पानी भर जाता था जिससे लोगों के घर गिर जाते थे। गत वर्ष करीब 30 लोगों के घरों में पानी भर गया और कई घर धराशायी हो गये। एक महीने तक गांव से आवागमन बंद रहा। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। तब तत्कालीन एसडीएम को तीन दिन तक गांव का लगातार भ्रमण करके जल निकासी की व्यवस्था करनी पड़ी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान प्रधान प्रदीप गौरव के कदम से ग्रामीणों को कितनी राहत मिली होगी।

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