गोवंश के लिये संजीवनी साबित हो रही नेपियर घांस


सिरसाकलार-उरई।
महेबा ब्लाॅक के धामनी गांव की गोशाला में नेपियर घांस से चारे का संकट दूर हो गया है और गोवंश को पूरा पोषण भी मिल रहा है। दूसरी ओर किसानों के खेत मेें खड़ी फसलों के नुकसान का भी अंदेशा नहीं रह गया।
बता दें कि जिलाधिकारी की पहल से हर गांव की गोशाला में गोवंश के लिये चारे की समस्या के हल हेतु नेपियर घांस लगवायी गयी है। इस क्रम में धामनी के प्रधान चंद्रपाल गुर्जर ने बताया कि उनके गांव में रोड के किनारे बनायी गयी गोशाला में 51 मवेशी संरक्षित हैं जिनके चारे के लिये एक एकड़ में नेपियर घांस लगवायी गयी है जो दोनों समय जानवरों को खिलायी जाती है। हालांकि हरे चारे में ज्वार बाजरा मक्का एवं जंगली घांस एक अच्छा विकल्प है लेकिन यह सब एक निर्धारित समय तक ही मिल सकते है जबकि नेपियर घांस ऐसी है जो पूरे समय मिलती है। इसका चारा भी अन्य हरे चारे की अपेक्षा जानवरों के लिये बेहतर माना गया है। अन्य ग्रामों के लोग यहां नेपियर घांस देखने आ रहे है। गांव के रज्जन, अनिकेत का कहना है कि उनके यहां गोशाला में नेपियर घांस से गोवंश को पुष्ट करने में बेहद सहयोग मिला है।

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