सी डी ओ ने किया कार्यालयों का निरीक्षण, मचा हडकंप

उरई 21 अगस्त 2025(सू०वि०)।

मुख्य विकास अधिकारी के०के० सिंह ने विकास भवन में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजीव कुमार उपाध्याय जिला युवा कल्याण अधिकारी, सुरेंद्र सिंह जादौन सहा०अभि० लघु सिंचाई, ब्रजेश कुमार राठौर सहा०अभि० लघु सिंचाई, मनोज कुमार पटेल जिला रेशम अधिकारी, राकेश कुमार पाण्डेय परियोजना अधिकारी नेडा, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता उरई से आमोद कुमार सह०पर्य०, अभिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से सृष्टिराज गुप्ता प्रा०स०, कृपाराम आशुलिपिक, शिवम राज चतुर्वेदी, जिला समाज कल्याण अधिकारी(विकास) से राजकुमार प्र०स०प्र०/अनुदेशक, विशाल गुप्ता सहायक लेखाकार अनुपस्थित रहें। कार्यालयों के आस-पास गंदगी देख उन्होंने नियमित साफ- सफाई कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होने जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी को निर्देशित किया कि बिखरे हुए सामान को व्यवस्थित तरीके से रखते हुए समयबद्ध वितरण कराना सुनिश्चित करे। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह स्वयं निर्धारित समय पर कार्यालय में आना सुनिश्चित करे तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की भी समयबद्ध के साथ उपस्थिति सुनिश्चित कराये। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यालयाध्यक्ष या जनपद स्तरीय अधिकारी शासकीय कार्य अथवा अन्य प्रयोजन से कार्यालय से बाहर है तो निकटतम अधीनस्थ अधिकारी को अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर निर्धारित समय से जनसुनवाई किये जाने हेतु अधिकृत करने के साथ शासन के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करना सुनिश्चित करे। उन्होंने विकास भवन में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, प्रकाश व्यवस्था एवं लघु मरम्मत आदि कार्यो के पर्यवेक्षणीय दायित्वों के निर्वहन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये जिसमे भूतल- जिला समाज कल्याण अधिकारी, प्रथम तल- जिला पूर्ति अधिकारी, द्वितीय तल- अधिशासी अभियंता ग्रा०अभि०वि० है। उन्होंने नामित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने तल पर जिन स्थानों पर लघु प्रकृति की मरम्मत की आवश्यकता प्रतीत होती है, उस कार्यालय के कार्यालयाध्यक्ष से समन्वय स्थापित करते हुये रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं मरम्मत आदि का कार्य प्राथमिकता पर कराया जाना सुनिश्चित करायें। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि वह उपर्युक्त नोडल अधिकारियों से समय-समय पर समन्वय स्थापित एवं निरीक्षण कर विकास भवन का उक्त कमियों का पर्यवेक्षण करते हुये कमियों का निराकरण कराना सुनिश्चित करें।

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