सटटा किंग का फार्म हाउस जमींदोज, माफिया ब्रदर्स अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर


उरई। दशकों से पुलिस संरक्षण में पोषित हो रहे सटटा किंग के वैभव की प्रतीक इमारत उसी खाकी के सहारे प्रशासन ने जमींदोज कर डाली। सटटा किंग माजिद अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पता चला है कि साईं पैलेस के पीछे विधवा हो चुकी अपनी प्रेमिका के घर में वह छुपा हुआ है। पुलिस का कहना है कि उसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
माजिद-मुन्ना के सटटा कारोबार के बारे में लोग पुलिस के उच्चाधिकारियों तक को जानकारी देते रहे लेकिन मोटी माहवारी के चलते उस पर कभी कोई कार्रवाई नही की गई। आखिर में उसके पाप उसकी मत हर ले गये। 29 अगस्त को जिला जजी के पास रात में दारू के नशे में उसने जो तांडव किया उसकी गूंज लखनऊ तक सुनी गई। इसके बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डा. दुर्गेश कुमार ने माफिया ब्रदर्स को बर्बाद करने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया।
रामकुंड इलाके में स्थित माजिद-मुन्ना के फार्म हाउस पर 8 थानों की फोर्स के साथ तीन बुलडोजर लेकर सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा, ओडीए के सचिव परमानंद यादव, सीओ सिटी अर्चना सिंह और सीओ कालपी अवधेश सिंह ने धावा बोल दिया। सरकारी जमीन पर कब्जा कर माफिया ब्रदर्स का फार्म हाउस पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। वहां रखा सारा सामान प्रशासन ने जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान आसपास के लोग जमा हो गये। हालांकि पहले ही बैरीकेडिंग करके भीड़ को दूरी पर ही रोकने के एतिहाती प्रबंध कर लिए गये थे। प्रशासन के तेवर देखकर किसी का साहस कार्रवाई का विरोध करने का नही हुआ।
हालांकि उसके सटटा कारोबार की चर्चा अभी भी पुलिस के अधिकारी अपनी जुबान पर नही ला रहे। जिलाधिकारी राजेश पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डा. दुर्गेश कुमार के इस बयान पर लोगों को भरोसा है कि माजिद-मुन्ना के नेटवर्क का हिस्सा बने हुए सफेदपोश और पुलिसकर्मी बेनकाब किये जायेगें। अगर ऐसा हुआ तो उसकी अवैध सल्तनत का हमेशा के लिए खात्मा संभव है जो लालच का शिकार होने वाली गरीब जनता की जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है।

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