उरई | एचआरए की दरों में संशोधन के सम्बन्ध में जारी शासनादेश दिनांक 18 जुलाई 2018 के अनुसार सी श्रेणी के शहरों को और जिला मुख्यालय उरई, कोंच, कालपी को ब श्रेणी के नगरीय क्षेत्रों में चयनित किया गया। उक्त आदेश में जालौन को जिला मुख्यालय माना गया है जबकि जिला मुख्यालय उरई है और जिला जालौन है। इस तकनीकी विभागीय त्रुटि के कारण नगर क्षेत्र जालौन व नियमानुसार उसकी 8 किमी. की परिधि में आने वाले ग्रामों में कार्यरत शिक्षक व कर्मचारी नगर क्षेत्र के एचआरए के लाभ से वंचित हो गये थे। नगर क्षेत्र में होते हुये भी उनको ग्रामीण क्षेत्र का एचआरए दिया जा रहा था। 

          *प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव* ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश द्वारा इस तकनीकी समस्या के निराकरण के लिए वर्ष 2018 से लगातार प्रयासरत था जिसके फलस्वरूप दीपक कुमार अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा बुधवार को संशोधित शासनादेश जारी कर इस समस्या का निस्तारण कर दिया है। 

        इस शासनादेश से नगर जालौन व उसकी 8 किमी की परिधि में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों में खुशी की लहर है और सभी ने प्रदेशीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। आभार व्यक्त करने वालों में जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, महामंत्री इलयास मंसूरी, ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश रजक, नगर अध्यक्ष हिमांशु पुरवार, अभिषेक पुरवार, कल्पना बाजपेई, पवन प्रजापति, देवी चरण, मुहम्मद अजीज, प्रदीप कुमार सिंह, कृष्णगोपाल सिंह,  राजेश सक्सेना, आलोक गुप्ता, संजेश गौतम, अनुराग याज्ञिक, रीनू पाल, विवेक कुमार, अंकुर श्रीवास्तव, मयंका गोविल, कृष्ण कुमार, शिवम श्रीवास्तव सहित समस्त ब्लॉक व नगर इकाई के पदाधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षिकाओं व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने आभार प्रकट किया है।

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