सलाघाट पर एक और युवक की डूबकर मौत


उरई। बेतवा के सबसे रमणीक माने जाने वाले सलाघाट पर स्नान का आनंद लेने गये एक और युवक की जान भेंट चढ़ गयी।
कोटरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले बेतवा के सलाघाट का प्राकृतिक सौन्दर्य लोगों को बेहद आकर्षित करता है। इस घाट के किनारे झांसी जनपद में बसे डिकौली गांव से भक्त प्रहलाद की बुआ होलिका के दहन की कहानी जुड़ी हुई है। नदी के उसी छोर पर प्रहलाद कुंड है। जिसकी गहराई दसियों मीटर आंकी गयी है।
विभिन्न पर्वों के अवसर पर और वैसे भी पिकनिक मनाने के लिए लोगों का सलाघाट पर आवागमन रहता है। यहां बेतवा की अलग तरह की चटटाने भी प्रकृति के अनुपम उपहार की तरह हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सलाघाट की गहराई में कई स्नानार्थियों की बलि चढ़ चुकी है। इसलिए यह घाट खूनी घाट के रूप में बदनाम हो गया है। प्रशासन भी इस घाट पर स्नानार्थियों के आने पर बंदिश लगा चुका है। इसके बावजूद लोग घाट पर आने और स्नान का आनंद लेने से नही चूक रहे। वैसे घाट पर पुलिस की एक चौकी भी स्थापित है। जिसके कर्मचारी लोगों की निगरानी करते रहते हैं।
लेकिन मंगलवार को पुलिस की निगाह से बचकर जालौन थाने के ग्राम बाबई के कुछ युवा सलाघाट पर स्नान का लुत्फ लेने पहुंच गये इस दौरान बाबई के ही निवासी राजेंद्र अहिरवार के 22 वर्षीय बेटे दीपराज की नदी के तेज बहाव में डूबने से मौत हो गयी।
जानकारी मिलने पर एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा गया लेकिन काफी देर तक यह विशेषज्ञ टीम भी उसका पता लगाने में कामयाब नही हो सकी। आज सुबह फिर सांसद पुत्र राजू के विशेष प्रयास से एसडीआरएफ टीम ने नदी में युवक को खंगाला। आखिरकार दीपराज का शव बरामद हो गया है। घटना के कारण मृत युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र में भी युवक की असामायिक मृत्यु से गहरा मातम देखा जा रहा है।

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