उरई। सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा के अथक प्रयासों से आखिरकार ग्राम बड़ेरा में केंद्रीय विद्यालय खुलने का सपना मूर्त होने लगा है। उनके समर्थकों ने ध्यान दिलाया कि किस तरह पिछले कई वर्षों से अर्जुन की तरह गौरी शंकर वर्मा केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति के लक्ष्य को भेदने में लगे हुए थे।
उरई में केंद्रीय विद्यालय के प्रस्ताव का पुराना इतिहास है। कांग्रेस के समय इस सपने की नीव जिला प्रशासन से जगह उपलब्ध कराने का पत्र भेजकर डाली गयी थी। लेकिन जिला प्रशासन जहां हाथ डालता वहीं नेता आड़े आ जाते। नैनी इलाहाबाद में गोताखोरों के लिए प्रसिद्ध पीएससी की 42वीं बटालियन को भी जिले में स्थापित होना था। लेकिन फाइलें दौड़ती रहीं। न तो उस समय के निकम्मे नेताओं ने और न अधिकारियों ने इसमें सहयोग करने का दायित्व निभाया। अब तो 42वीं बटालियन को नैनी में ही स्थाई कर दिया गया है। 1984 में पर्यटन निगम के होटल के लिए भी जिला प्रशासन से जमीन मांगी गयी थी लेकिन लाइसेंस के नगदीकरण में माहिर तत्कालीन जिलाधिकारी एके जोशी ने इसके लिए कोई जहमत नही उठाई। किसी ने उरई क्लब को स्थान के रूप में सुझाया तो एके जोशी के दरबारी नेता आड़े आ गये। आखिर यह प्रस्ताव भी रदद हो गया।
केंद्रीय विद्यालय का प्रस्ताव भी बेहद पुराना है। अपने कार्यकाल में मात्र पांच हजार रुपये की बकायेदारी के लिए उरई की दमघोटू हवालात में 80 वर्ष के वृद्ध किसान की मौत के लिए तमगा प्राप्त तत्कालीन जिलाधिकारी अमित मोहन प्रसाद से कहा गया कि वे बीसीएच मिशन के पटटे का पूरा होने जा रहा समय को संज्ञान में लें और इसकी अमेरिकन संचालिका सी डाथ को वापस अपने देश भिजवाकर यह जगह हस्तगत कर लें जिससे यहां केंद्रीय विद्यालय स्थापित हो सके। पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वाभिमान से ऊपर अमेरिकन लेडी के ग्लेमर को महत्व दिया और पटटे को समाप्त करने की बजाय उसका नवीनीकरण कर दिया।
भाजपा की सरकार आने के बाद केंद्रीय विद्यालय के प्रस्ताव के दिन बहुरे। सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले। सभी जगह उन्होंने एक ही आरजू की कि किसी तरह केंद्रीय विद्यालय के लिए उनकी मेहरबानी मिल जाये। जगह उपलब्ध कराने में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का भी महती योगदान रहा। इसके कारण बड़ेरा गांव में जगह मिल चुकी है और सभी स्वीकृतियां भी हो चुकी हैं। शीघ्र ही इसका कार्य प्रारंभ हो जाने की उम्मीद है।
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