रेंढर, 22 अक्टूबर: जालौन जिले के रेंढर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मंगलवार रात को रात्रि गश्त के दौरान सक्रियता और सतर्कता का परिचय देते हुए एक संदिग्ध युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। कमसेरा-अमखेड़ा मार्ग पर मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी में पकड़े गए युवक के पास से एक 315 बोर का तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।
घटना का विवरण
थाना रेंढर पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात लगभग 7:30 बजे उपनिरीक्षक दिनेश कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और रात्रि गश्त के लिए तैनात थे। उनकी टीम में उपनिरीक्षक इबरार खान, कांस्टेबल महेंद्र सिंह, अनुज प्रजापति और शिवशंकर शामिल थे। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि ग्राम अमखेड़ा की ओर से एक युवक संदिग्ध अवस्था में कमसेरा चौराहे की तरफ आ रहा है और संभवतः कोई गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कमसेरा-अमखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर दी। सतर्कता और रणनीति के साथ की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम शिवराज सिंह उर्फ सूरज उर्फ सूर्या भाई पुत्र निर्भय सिंह, निवासी ग्राम कमसेरा, थाना रेंढर बताया।
तलाशी में बरामद हुआ अवैध हथियार
पुलिस ने युवक की तलाशी ली तो उसकी बेल्ट से एक 315 बोर का तमंचा, जो पूरी तरह चालू हालत में था, बरामद हुआ। इसके अलावा, उसकी जेब से एक जिंदा कारतूस (BMM KF 93 अंकित) भी मिला। पुलिस ने जब आरोपी से तमंचे का लाइसेंस मांगा, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में शिवराज सिंह ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने तत्काल उसके खिलाफ धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस की सक्रियता और रणनीति
थाना प्रभारी ने बताया कि रेंढर पुलिस क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार रात्रि गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। इस मामले में मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित अपराध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी शिवराज सिंह का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उसके संदिग्ध व्यवहार और अवैध हथियार रखने के इरादों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने तमंचा कहां से हासिल किया और इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए करना था।
स्थानीय लोगों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
इस गिरफ्तारी से कमसेरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि ऐसी सक्रियता से अपराधी तत्वों में डर पैदा होता है। एक स्थानीय निवासी रामप्रकाश ने कहा, “पुलिस की तत्परता से हमें लगता है कि हमारा क्षेत्र सुरक्षित है। रात्रि गश्त और ऐसी कार्रवाइयां अपराधियों को हतोत्साहित करती हैं।”
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। अवैध हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और संभावित अन्य संदिग्धों की जानकारी जुटाने के लिए जांच को और गहरा किया जा रहा है। रेंढर थाना पुलिस ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी गश्त और निगरानी बढ़ाने का संकल्प लिया है।इस घटना ने एक बार फिर सिद्ध किया कि पुलिस और मुखबिर तंत्र के बीच समन्वय अपराध रोकथाम में कितना प्रभावी हो सकता है। जालौन जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई अन्य थाना क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।







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