उरई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर *जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान के नेतृत्व में* बीएसए चंद्रप्रकाश को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेशीय नेतृत्व की मांग के क्रम में शासन द्वारा पूर्व में गठित विशेषज्ञ समिति का निर्णय आने तक ऑनलाइन अटेंडेंस को अनिवार्य न किया जाए।
*जिला महामंत्री इलयास मंसूरी* ने कहा कि एसआईआर हेतु बीएलओ व सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहे शिक्षकों को अन्य जनपदों की तरह विद्यालय से पूर्ण दिवस कार्यमुक्त किया जाए।
*प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव* ने कहा कि एरियर भुगतान में वित्त नियंत्रक के 10 फरवरी 2024 के आदेश के अनुसार ही संलग्नक मांगे जाएं और भुगतान हेतु निर्धारित समय सीमा का पालन किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा ऑनलाइन चयन वेतनमान की समय से स्वीकृति हेतु ई-सर्विस बुक में शिक्षकों के इनिशियल कैडर अपडेट करने, वैवाहिक स्थिति अपडेट करने हेतु फैमिली आईडी को मान्य करने, पोर्टल न खुलने से ऑनलाइन अवकाश न ले पाने वाले शिक्षकों को अनुपस्थित न मानने, विद्यालयों की बाउंड्रीवाल बनवाने, सेवा पुस्तिकाओं को नियमित अपडेट और सत्यापित करवाने, गुम हो चुकी सेवा पुस्तिकाओं के न मिलने पर नई सेवा पुस्तिकाएं बनवाने सहित कई समस्याओं से बीएसए को अवगत कराया गया।
बीएसए द्वारा समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, जिला संयुक्त महामंत्री अरविंद स्वर्णकार, जिला उपाध्यक्ष मु० अय्यूब कुरैशी, जिला संयुक्त मंत्री इनाम उल्ला अंसारी, छुन्ना प्रसाद, शारिक अंसारी, उमेश कुमार, अखिलेश रजक, अरविंद निरंजन, दशरथ सिंह पाल, प्रदीप कुमार सिंह, पवन सोनी, कप्तान सिंह, राजेंद्र सोनी, भागवती, सौरभ सोनी, शैलेन्द्र सिंह चौहान, प्रेमबाबू, प्रदीप प्रजापति, दीपिका चौहान, राममनोहर गुप्ता, नेहा खातून आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहे।







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