संस्कार-समता और करुणा का संदेश लेकर ग्रामीणों ने दिखाई सहभागिता की अनुपम मिसाल
उरई (जालौन), 27 नवंबर 2025 ग्राम शहजादपुरा में आयोजित दो दिवसीय बुद्ध कथा, बुद्ध जीवन पर आधारित नाटक एवं धम्म देशना कार्यक्रम का आज शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में सफल समापन हो गया। समापन सत्र की मुख्य अतिथि भदन्त शील प्रकाश (कुशीनगर) तथा अध्यक्षता भदन्त शीलानन्द (जिला भिंड, मध्य प्रदेश) ने की।
भिक्खु संघ के भंते शिवानंद, भंते प्रज्ञाशरण, भंते ज्ञानजोत तथा आचार्य विनोद कुमार ने बुद्ध धम्म की गहन शिक्षाओं की सारगर्भित व्याख्या की और उपस्थित जनसमूह को बुद्ध के विचारों को दैनिक जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने कहा, “बुद्ध धम्म केवल उपदेश नहीं, बल्कि समता, करुणा, मैत्री और अहिंसा पर टिकी पूरी जीवन शैली है। पंचशील और त्रिशरण को आचरण में लाकर ही हम समाज में सच्ची शांति और सद्भावना स्थापित कर सकते हैं।”
कार्यक्रम में भाषा, भजन, बुद्ध जीवन पर आधारित नाटक और सरल धम्म कथा के माध्यम से बुद्ध मार्ग को आमजन तक पहुँचाया गया। समापन अवसर पर मंजू नेता द्वारा सभी भिक्षु एवं अतिथियों को भगवान बुद्ध तथा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।
भोजन दान में ग्रामीणों एवं बाहर से आए उपासकों-उपासिकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बौद्ध परंपरा के अनुसार दान की महत्ता को साकार किया। कार्यक्रम का संचालन रविकांत जाटव (गेंदौली) ने किया तथा आभार प्रदर्शन विनोद बाबू बौद्ध ने किया। अंत में समस्त भिक्खु संघ के सान्निध्य में धम्म शांति पाठ एवं मंगलकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
समापन सत्र में विशेष रूप से पूर्व सांसद ब्रजलाल खाबरी, सांसद प्रतिनिधि राजू अहिरवार, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय गौतम, कमल दोहरे सहित सैकड़ों उपासक-उपासिकाएँ उपस्थित रहे। ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने एक बार फिर सिद्ध किया कि बुद्ध का संदेश आज भी गांव-गांव में जीवंत है।







Leave a comment