उरई (जालौन)। देश में संविधान दिवस की 76वीं वर्षगाँठ के साथ-साथ युवाओं के सशक्त अभियान ‘युवा दस्तक’ ने भी अपने सफर के तीन साल पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक दोहरे अवसर पर युवा दस्तक की टीम ने दहगुवां गाँव स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर पार्क में धूमधाम से संविधान दिवस मनाया और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
सुबह-सुबह युवाओं ने अम्बेडकर पार्क में वृक्षारोपण किया, उसके बाद पूरे गाँव में विशाल संविधान जागरूकता रैली निकाली। रैली बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद समाप्त हुई, जहाँ सभी ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित भारत बनाने की शप दोहराई।
इसके बाद आयोजित ‘संविधान सभा’ में अलग-अलग पैनल पर गंभीर चर्चा हुई। एडवोकेट रश्मि वर्मा, एडवोकेट निखत परवीन, अनिता, सचिन चौधरी, प्रदीप, देबेन्द्र, अनिल, ऊषा देवी ने पितृसत्ता, महिला हिंसा, दहेज प्रथा, युवतियों के अधिकार, मुस्लिम महिलाओं के मुद्दे और न्याय तक पहुँच जैसे विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। युवा लीडर आयुष उर्फ गुड्डू भैया ने बेरोजगारी और युवाओं के भटकाव पर चिंता जताई तो टिंकू व सचिन चौधरी ने पलायन और छात्रवृत्ति के मुद्दे उठाए।
वरिष्ठ अध्यापक गंगाराम सहित तमाम बुद्धिजीवियों ने कहा कि आज संवैधानिक मूल्यों का खुला हनन हो रहा है, हमें मिलकर इन्हें बचाना और स्थापित करना होगा।
युवा दस्तक एवं बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संस्थापक-सयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा, “तीन साल पहले 25 साल के विजन (2022-2047) के साथ शुरू हुआ ‘युवा दस्तक’ आज लाखों युवाओं की सामूहिक आवाज बन चुका है। यह भारत के इतिहास में मिसाल बनेगा।” उन्होंने ऐलान किया कि अब युवा दस्तक देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री-राज्यपाल, सांसद-विधायक सहित तमाम जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर संवैधानिक मूल्यों वाला भारत बनाने का लिखित वचन लेंगे।
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिलाएँ-युवा उपस्थित रहे और देर शाम तक ‘जय भीम, जय संविधान’ के नारे गूँजते रहे। युवा दस्तक ने सभी देशवासियों से अपील की है कि इस 25 साल के सफर में साथ आएँ और संविधान को हर घर तक पहुँचाएँ।







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